मथुरा के वृंदावन में बिहारजी कॉरिडोर के लिए सर्वे हो रहा है। नगर आयुक्त अनुनय झा की अध्यक्षता में गठित आठ सदस्यीय समिति सर्वे कर रही है। कॉरिडोर के प्रस्तावित क्षेत्र में अब तक 110 भवन चिन्हित किए जा चुके हैं। इससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है कि वे अपने मकानों पर स्वामित्व कैसे साबित करें। दरअसल, वर्ष 1863 में श्रीबांकेबिहारी महाराज के लिए मंदिर का निर्माण भरतपुर के राजा रतन सिंह ने हास-परिहास बगीचे में कराया था। इसी बगीचे में मंदिर के आसपास सेवायत गोस्वामी परिवार बस गए। अब बिहारीजी कॉरिडोर प्रक्रिया में इन परिवारों के समक्ष स्वामित्व साबित करना कठिन हो रहा है। अधिकांश के पास स्वामित्व के कागजात नहीं हैं, उनके पास सिर्फ नगर निगम की टैक्स रसीद और बिजली बिल आदि हैं।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हुए हादसे के बाद सुर्खियां बना हुआ है। यहां निरंतर बढ़ते भीड़ के दबाव के कारण शासन ही नहीं प्रशासन भी विचलित है। इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रस्तावित कॉरिडोर की दिशा में काम भी किया जा रहा है। प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए जमीन चिन्हांकन और मूल्यांकन की प्रक्रिया में आसपास के लोगों की नींद उड़ा दी है।