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पति की कमाई और पैतृक संपत्ति में पत्नी के कानूनी अधिकार क्या हैं? जानिए इससे जुड़े सही नियम

Tue, 22 Sep 2026 03:30 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Wife Legal Rights Husband Income Property: पति की कमाई पर पत्नी का क्या अधिकार है इसको लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं। इसी कड़ी एक बड़ा सवाल ये होता है कि क्या पति की कमाई पर पत्नी का पूरा अधिकार होता है? आइए इस लेक में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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पति की कमाई में पत्नी के अधिकार - फोटो : AI
Hindu Succession Act Property Rights Women: भारतीय समाज और कानून में महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। अक्सर महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि अपने पति की मासिक कमाई, खुद से खरीदी गई संपत्ति और उनके परिवार की पुस्तैनी यानी पैतृक संपत्ति में उनका कितना हक होता है। 

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम और अन्य विवाह कानूनों के तहत महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा और संपत्ति का अधिकार दिया गया है। हालांकि, पति के जीवित रहने और उनकी मृत्यु के बाद के नियम अलग-अलग होते हैं। आइए इस लेख में समझते हैं कि पति की कमाई और पैतृक संपत्ति में पत्नी के वास्तविक कानूनी अधिकार क्या हैं।
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पति की जीवित रहते संपत्ति में पत्नी का अधिकार - फोटो : AI
पति की जीवित रहते संपत्ति में पत्नी का अधिकार
  • पति के जीवित रहते पत्नी का उसकी कमाई या खुद से खरीदी गई संपत्ति पर सीधा मालिकाना हक नहीं होता है।
  • हालांकि, पत्नी को पति से भरण-पोषण और रहने के लिए घर पाने का पूरा कानूनी अधिकार है।
  • पति अपनी कमाई का इस्तेमाल अपनी मर्जी से कर सकता है, लेकिन वह पत्नी को गुजारा भत्ता देने से मना नहीं कर सकता।
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पति की मृत्यु के बाद स्व-अर्जित संपत्ति में पत्नी का हक - फोटो : Adobe Stock
पति की मृत्यु के बाद स्व-अर्जित संपत्ति में पत्नी का हक
  • अगर पति की मृत्यु बिना कोई वसीयत बनाए हो जाती है, तो उसकी स्व-अर्जित संपत्ति पर पत्नी का पहला अधिकार होता है।
  • हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत पत्नी 'क्लास-1' (Class-1) कानूनी वारिस होती है।
  • पति की संपत्ति उसकी पत्नी, बच्चों और मां में बराबर-बराबर बांटी जाती है। यानी पत्नी को पति की जायदाद में अपने बच्चों के बराबर हिस्सा मिलता है।

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ससुराल की पैतृक संपत्ति में पत्नी का कानूनी अधिकार - फोटो : Adobe Stock
ससुराल की पैतृक संपत्ति में पत्नी का कानूनी अधिकार
  • ससुराल की पैतृक संपत्ति में पत्नी का सीधा कोई दावा नहीं होता है। पैतृक संपत्ति पर पति का जन्मसिद्ध अधिकार होता है।
  • अगर पति की मृत्यु हो जाती है, तो पति के हिस्से में आने वाली पैतृक संपत्ति पर पत्नी कानूनी रूप से अपना दावा कर सकती है।
  • पति के जीवित रहते पत्नी सीधे ससुर की पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी नहीं मांग सकती।
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तलाक (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्रीपिक
स्त्रीधन और तलाक की स्थिति में महिला के अधिकार
  • विवाह के समय महिला को मिलने वाले उपहार, गहने और नकदी को 'स्त्रीधन' कहा जाता है, जिस पर सिर्फ और सिर्फ महिला का मालिकाना हक होता है।
  • तलाक की स्थिति में महिला को अपना पूरा स्त्रीधन वापस पाने और अदालत से धारा 125 या घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पति से स्थायी गुजारा भत्ता या एकमुश्त राशि पाने का अधिकार होता है।
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