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Inverter Battery: इन्वर्टर की बैटरी में क्यों डिस्टिल्ड वॉटर ही डालते हैं? जानें नल का पानी डालने के नुकसान

Sun, 29 Mar 2026 12:56 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Distilled Water For Inverter Battery: इंनर्वटर की बैटरी में समय-समय पर पानी डालने की जरूरत होती है। अक्सर ही कुछ लोग जानकारी के आभाव में बैटरी में नल का पानी डाल देते हैं, जो की गलत है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि बैटरी में क्यों सिर्फ डिस्टिल्ड वाटर ही डालते हैं।
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इनवर्टर की बैटरी में पानी डालने का सही तरीका - फोटो : Amar Ujala
Distilled Water For Inverter Battery: गर्मियों के मौसम में बिजली कटौती से बचने के लिए बहुत से लोग इन्वर्टर का उपयोग करते हैं। मगर इसकी लंबी उम्र बनाए रखने के लिए बैटरी का सही रखरखाव बहुत जरूरी है। अक्सर लोग जानकारी के अभाव में इन्वर्टर की बैटरी में नल का साधारण पानी डाल देते हैं, जो एक बड़ी और महंगी गलती साबित हो सकती है। 

दरअसल, बैटरी के भीतर होने वाली रासायनिक प्रक्रिया के लिए सिर्फ शुद्ध डिस्टिल्ड वॉटर यानी आसुत जल का ही उपयोग किया जाना चाहिए। आज की आधुनिक 'ट्यूबलर' और 'फ्लैट प्लेट' बैटरियां काफी संवेदनशील होती हैं और साधारण पानी में मौजूद खनिज इनके जीवनकाल को आधा कर सकते हैं। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि बैटरी में डिस्टिल्ड वॉटर ही क्यों जरूरी है और नल का पानी आपकी बैटरी को अंदर से कैसे खोखला कर देता है।
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इनवर्टर की बैटरी में पानी डालने का सही तरीका - फोटो : Adobe Stock
डिस्टिल्ड वॉटर ही क्यों है बैटरी के लिए जरूरी?
  • डिस्टिल्ड वॉटर को उबालकर और भाप को ठंडा करके बनाया जाता है, जिससे इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और क्लोराइड जैसे खनिज नहीं होते हैं।
  • बैटरी के अंदर मौजूद सल्फ्यूरिक एसिड और पानी का मिश्रण (इलेक्ट्रोलाइट) केवल शुद्ध पानी के साथ ही सही ढंग से काम करता है।
  • शुद्ध पानी प्लेटों पर जंग लगने से रोकता है, जिससे बैटरी का बैकअप लंबे समय तक अच्छा बना रहता है।
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इनवर्टर की बैटरी में पानी डालने का सही तरीका - फोटो : Adobe Stock
नल का पानी डालने से होने वाले गंभीर नुकसान
  • नल के पानी में मौजूद मिनरल्स बैटरी की लेड प्लेटों पर जम जाते हैं, जिससे करंट का प्रवाह रुक जाता है।
  • अशुद्ध पानी के कारण प्लेटों के बीच गंदगी जमा हो जाती है, जो बैटरी के अंदर शॉर्ट सर्किट पैदा कर सकती है।
  • कई कंपनियां बैटरी की जांच के दौरान अशुद्ध पानी का पता चलने पर वारंटी देने से मना कर देती हैं।

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inverter battery - फोटो : Adobe stock
बैटरी में पानी भरते समय बरतें ये सावधानियां
  • हमेशा इंडिकेटर के लाल निशान पर पहुंचने से पहले ही पानी भर दें। कभी भी पानी को पूरी तरह सूखने न दें।
  • पानी को सिर्फ निर्धारित सीमा तक ही भरें। जरूरत से ज्यादा पानी चार्जिंग के दौरान बाहर निकलकर फर्श खराब कर सकता है।
  • हमेशा बैटरी को पूरी तरह चार्ज होने के बाद ही पानी भरें, ताकि इलेक्ट्रोलाइट का घनत्व सही बना रहे।
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इनवर्टर की बैटरी खराब कर सकती हैं ये गलतियां - फोटो : AI
ये सावधानी बरतना जरूरी
  • बाजार में मिलने वाले सस्ते और अशुद्ध पानी आपकी हजारों की बैटरी को कुछ ही महीनों में कबाड़ बना सकता है। 
  • इसलिए हमेशा प्रमाणित ब्रांड का डिस्टिल्ड वॉटर ही खरीदें।
  • ध्यान रखें नल का पानी बचाकर आप चंद रुपये तो बचा लेंगे, लेकिन जल्द ही आपको नई बैटरी खरीदने के लिए बड़ी रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
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