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क्यों सिर्फ 11 महीने का ही होता है रेंट एग्रिमेंट? यहां जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें

Fri, 06 Nov 2026 04:46 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • Why Rent Agreement 11 Months: रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत 12 महीने या उससे अधिक के लीज एग्रिमेंट का अनिवार्य रूप से कानूनी पंजीकरण कराना पड़ता है।
  • 11 महीने का समझौता करने से भारी स्टाम्प ड्यूटी और सरकारी रजिस्ट्रेशन फीस के खर्चे से आसानी से बचा जा सकता है।
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रेंट एग्रिमेंट 11 महीने का क्यों? - फोटो : AI
Rental Agreement Registration Laws: जब भी कोई व्यक्ति किसी नए शहर में रहने के लिए जाता है या नया मकान किराए पर लेता है, तो मकान मालिक और किराएदार के बीच एक लिखित समझौता यानी रेंट एग्रिमेंट जरूर तैयार किया जाता है। आपने अक्सर ध्यान दिया होगा कि यह एग्रिमेंट हमेशा सिर्फ 11 महीने के लिए ही बनाया जाता है, न कि पूरे एक साल या उससे अधिक समय के लिए। 

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि आखिर इसके पीछे क्या मुख्य वजह है। क्या ये कोई कानूनी मजबूरी है या इसके पीछे कोई और कारण हैं। आइए इस लेख में जानते हैं कि रेंट एग्रिमेंट सिर्फ 11 महीने का ही क्यों होता है।
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house rent agreement - फोटो : Amar Ujala
क्या 11 महीने से अधिक का रेंट एग्रीमेंट नहीं बन सकता है?
  • बिल्कुल नहीं, आप अपनी जरूरत के अनुसार 11 महीने से अधिक यानी 1 साल, 2 साल या उससे भी ज्यादा समय का रेंट एग्रीमेंट आसानी से बनवा सकते हैं।
  • कानूनन ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन 12 महीने या उससे अधिक का एग्रीमेंट होने पर सब-रजिस्टार ऑफिस में उसका कानूनी पंजीकरण कराना अनिवार्य हो जाता है।
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house rent agreement - फोटो : Amar Ujala
रजिस्ट्रेशन अधिनियम क्या कहता है?
  • रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 के अनुसार 12 महीने या उससे अधिक अवधि के लीज एग्रिमेंट का सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
  • कानूनी रूप से पंजीकरण न कराए जाने की स्थिति में ऐसा रेंट एग्रिमेंट वैध नहीं माना जाता है।

स्टाम्प ड्यूटी से कैसे बचते हैं?
  • केवल 11 महीने का रेंट एग्रिमेंट बनवाने से इसे सामान्य स्टाम्प पेपर पर नोटरी करवाकर आसानी से वैध बना लिया जाता है।
  • ऐसा करने से मकान मालिक और किराएदार दोनों का भारी स्टाम्प ड्यूटी और सरकारी रजिस्ट्रेशन फीस पर होने वाला अतिरिक्त खर्च पूरी तरह बच जाता है और पैसे की बड़ी बचत होती है।

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house rent agreement - फोटो : Amar Ujala
किराएदार को क्या फायदा मिलता है?
  • कम अवधि का अनुबंध होने के कारण मकान मालिक और किराएदार दोनों के लिए ही समय-समय पर किराए में बढ़ोतरी या शर्तों में बदलाव करना बेहद आसान होता है।
  • लंबी कानूनी प्रक्रिया या कोर्ट-कचहरी के चक्कर में पड़े बिना आपसी सहमति से आसानी से मकान खाली कराया जा सकता है या समझौतों को खत्म किया जा सकता है।
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नया एग्रिमेंट कैसे बनता है? - फोटो : Adobe Stock
नया एग्रिमेंट कैसे बनता है?
  • एग्रिमेंट के 11 महीने पूरे होने के बाद दोनों पक्ष अपनी आपसी सहमति से पुराने नियमों में जरूरी संशोधन करके या नया स्टाम्प पेपर बनवाकर आसानी से इस रेंट एग्रिमेंट को आगे बढ़ा सकते हैं। 
  • इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कानूनी जटिलता का सामना नहीं करना पड़ता है।
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