फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हवाई जहाज में उपयोग होने वाला तेल क्यों होता है इतना खास? जानिए नॉर्मल ऑयल से क्यों है ये अलग

Wed, 01 Apr 2026 02:45 PM IST
Sankalp Prakash Singh यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाला ईंधन आम तेल से बिल्कुल अलग और उन्नत होता है। इसकी खासियतें ही इसे ऊंचाई और कठिन परिस्थितियों में सुरक्षित उड़ान के लिए जरूरी बनाती है।

विज्ञापन
1 of 5
दुनिया की सबसे छोटी हवाई यात्रा - फोटो : Adobe Stock
हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाला ईंधन आम पेट्रोल या डीजल जैसा नहीं होता, बल्कि इसमें कई खास गुण होते हैं। इसको एविएशन फ्यूल कहा जाता है। यह ऊंचाई, तापमान और दबाव जैसी कठिन परिस्थितियों में भी स्थिर रहता है। विमान जब हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ता है, तब तापमान माइनस में चला जाता है। इस तरह की परिस्थितियों में सामान्य ईंधन जम सकता है। हालांकि, एविएशन फ्यूल को इस तरह तैयार किया जाता है कि वह अत्यधिक ठंड में भी तरल बना रहे और इंजन को बिना रुकावट ऊर्जा देने का काम करता रहे।
विज्ञापन

2 of 5
दुनिया की सबसे छोटी हवाई यात्रा - फोटो : Adobe Stock
एविएशन फ्यूल दो प्रकार के होते हैं, जेट फ्यूल और एवगैस। जेट फ्यूल का उपयोग बड़े यात्री विमानों में किया जाता है, जबकि एवगैस छोटे विमानों में इस्तेमाल होता है। आपको बता दें कि जेट फ्यूल में उच्च ऊर्जा घनत्व होता है, जिसकी वजह से लंबी दूरी की उड़ान भरना संभव हो पाता है। 
विज्ञापन

3 of 5
दुनिया की सबसे छोटी हवाई यात्रा - फोटो : Adobe Stock
सामान्य पेट्रोल या डीजल के मुकाबले एविएशन फ्यूल में कई एडिटिव्स मिलाए जाते हैं। ये एडिटिव्स ईंधन को जमने से बचाने का काम करते हैं, जंग लगने से रोकते हैं और इंजन की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं। इसके अलावा इसमें अशुद्धियां बहुत कम होती हैं, ताकि इंजन के संचालन में कोई रुकावट न आए। यही कारण है कि इसका उत्पादन और परीक्षण बेहद सख्त मानकों के आधार पर किया जाता है।

4 of 5
दुनिया की सबसे छोटी हवाई यात्रा - फोटो : Adobe Stock
सुरक्षा के लिहाज से भी यह ईंधन काफी खास होता है। हवाई जहाज के इंजन में इस्तेमाल होने वाला फ्यूल काफी नियंत्रित ढंग से जलता है, जिससे विस्फोट या दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दुनिया की सबसे छोटी हवाई यात्रा - फोटो : Adobe Stock
आजकल पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बायोफ्यूल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल पर भी काम चल रहा है। इसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना और उड़ानों को अधिक सुरक्षित बनाना है। यही वजह है कि हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाला तेल न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें