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क्या परिवार के सदस्य या रिश्तेदार बन सकते हैं वसीयत में गवाह? जानिए क्या कहता है कानून

Wed, 30 Sep 2026 12:43 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Who Can Witness a Will?: वसीयत बनाते समय कई बार लोगों के मन में ये सवाल होता है कि आखिर किसे गवाह बना सकते हैं और किसे नहीं। इसके बारे बहुत से लोगों के मन में कंफ्यूजन रहता है कि क्या परिवार के लोग गवाह बन सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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वसीयत के गवाह - फोटो : AI
Legal Witness Rules : वसीयत बनाना संपत्ति के सही और सुचारू बंटवारे के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम होता है। लेकिन कोई भी वसीयत तब तक कानूनी रूप से मान्य नहीं होती, जब तक उस पर योग्य गवाहों के हस्ताक्षर न हों। भारत के उत्तराधिकार अधिनियम के अनुसार, किसी भी वसीयत के सही और कानूनी निष्पादन के लिए कम से कम दो गवाहों का होना अनिवार्य है।

ये गवाह ही अदालत में इस बात की पुष्टि करते हैं कि वसीयतकर्ता ने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, कानून में गवाह बनने की पात्रता को लेकर कुछ स्पष्ट और सख्त नियम बनाए गए हैं जिन्हें समझना हर व्यक्ति के लिए बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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गवाह की उम्र और मानसिक स्थिति - फोटो : Adobe Stock
गवाह की उम्र और मानसिक स्थिति
  • वसीयत पर गवाह बनने के लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 18 वर्ष या उससे अधिक होनी अनिवार्य है।
  • इसके अलावा, गवाह का मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना बेहद जरूरी है।
  • कोई भी नाबालिग या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति कानूनी रूप से गवाह बनने के लिए योग्य नहीं माना जाता।
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क्या संपत्ति पाने वाला गवाह बन सकता है? - फोटो : Adobe Stock
क्या संपत्ति पाने वाला गवाह बन सकता है?
  • कानून का सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि वसीयत का लाभार्थी यानी जिसे संपत्ति मिल रही है, वह गवाह नहीं बन सकता। 
  • अगर कोई लाभार्थी वसीयत पर हस्ताक्षर करता है, तो वसीयत तो वैधता पर सवाल उठ सकता है।

डॉक्टर बन सकते हैं गवाह
  • वसीयत का वसीयतकर्ता का इलाज करने वाला डॉक्टर गवाह बन सकता है।
  • वास्तव में, डॉक्टर को गवाह बनाना बहुत फायदेमंद माना जाता है क्योंकि वह भविष्य में वसीयतकर्ता के मानसिक रूप से स्वस्थ होने का सबसे मजबूत प्रमाण दे सकता है।

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गवाहों की उपस्थिति और हस्ताक्षर के नियम - फोटो : Adobe Stock
गवाहों की उपस्थिति और हस्ताक्षर के नियम
  • दोनों गवाहों को वसीयतकर्ता के सामने ही अपने हस्ताक्षर करने होते हैं।
  • इसके साथ ही, गवाहों के सामने ही वसीयतकर्ता को भी अपने दस्तखत करने चाहिए।
  • भविष्य में किसी भी पारिवारिक विवाद से बचने के लिए ऐसे निष्पक्ष लोगों को गवाह चुनें जो जरूरत पड़ने पर अदालत में सच गवाही दे सकें।
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क्या रिस्तेदार गवाह बन सकते हैं? - फोटो : Adobe Stock
क्या रिस्तेदार गवाह बन सकते हैं?
  • हां, परिवार के सदस्य या रिश्तेदार वसीयत में गवाह बन सकते हैं। भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के तहत ऐसा कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है जो किसी रिश्तेदार या पारिवारिक सदस्य को वसीयत का गवाह बनने से रोकता हो। 
  • हालांकि, इसके लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी शर्त का ध्यान रखना जरूरी है कि जिस व्यक्ति को वसीयत में संपत्ति या कोई अन्य लाभ दिया जा रहा है उसे या उसके जीवनसाथी (पति/पत्नी) को गवाह नहीं बनाया जाना चाहिए। 
  • अगर कोई लाभार्थी वसीयत में गवाह बनता है, तो वह वसीयत अमान्य नहीं होगी, लेकिन उस गवाह को मिलने वाला संपत्ति का हिस्सा कानूनी रूप से कैसिंल हो सकता है।
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