भारत के गांव, कस्बों, शहर आदि कई जगहों पर आपको पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार देखने को मिलेंगे, जो स्थानीय हुनर में पारंगत हैं। बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, माली, नाई, मूर्तिकार जैसे हजारों कारीगर आज भी अपने पुश्तैनी व्यवसाय के जरिए अपनी सेवाएं देकर आमदनी कर रहे हैं। भारत की संस्कृति में इनका एक अभूतपूर्व योगदान है। हालांकि, आज के आधुनिक युग में इनका व्यवसाय पिछड़ रहा है। इसी समस्या को देखते हुए भारत सरकार देश में कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक शानदार स्कीम का संचालन कर रही है। इसका नाम प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना है। इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 17 सितंबर, 2023 को विश्वकर्मा जयंती के शुभ अवसर पर की थी। यह स्कीम देश में काफी लोकप्रिय है।