ट्रेन में सफर करते समय आपने कई बार सोचा होगा कि आखिर लोको पायलट घंटों तक ट्रेन चलाते हुए अपनी सामान्य जरूरतें कैसे पूरी करते हैं। खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में यह सवाल और भी दिलचस्प हो जाता है।
दरअसल, लोको पायलट जिस केबिन में बैठकर ट्रेन को नियंत्रित करते हैं, वहां यात्री कोच जैसा सामान्य टॉयलेट नहीं होता। ऐसे में सवाल खड़ा होना लाजमी है कि आखिर लोको पायलट वॉशरूम के लिए कहां जाते हैं? चलिए इस बारे में जानने की कोशिश करते हैं। आप आगे इस बारे में जान सकते हैं...