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हेल्थ इंश्योरेंस में क्या चेक करना सबसे जरूरी होता है? जान लें वरना क्लेम के समय होती है परेशानी

Tue, 06 Oct 2026 06:16 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Waiting Period in Health Insurance: आज के समय में बहुत से लोग हेल्थ इंश्योरेंस ले रहे हैं। मगर ये समझना जरूरी है कि हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है, वरना क्लेम के समय काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए इस लेख में इसी के बाेर में समझते हैं।
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हेल्थ इंश्योरेंस क्या चेक करें - फोटो : AI
Key Things To Check In Health Insurance: आज के दौर में बीमारियों और इलाज के लगातार बढ़ते खर्चों से बचने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेना बेहद जरूरी हो गया है। लेकिन अधिकतर लोग पॉलिसी खरीदते समय सिर्फ उसके प्रीमियम यानी हर साल भरे जाने वाले पैसों पर ही ध्यान देते हैं और बाकी जरूरी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। 

इस वजह से जब अस्पताल में भर्ती होने पर क्लेम की जरूरत पड़ती है, तब उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, कई मामलों में तो क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। इसलिए कोई भी हेल्थ पॉलिसी लेने से पहले उसके नियमों और शर्तों को बारीकी से समझना बेहद जरूरी है। आइए इस लेख में जानते हैं कि पॉलिसी लेते समय आपको किन महत्वपूर्ण बातों की जांच जरूर करनी चाहिए।
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नेटवर्क अस्पतालों की सूची जरूर जांचें - फोटो : Adobe Stock
नेटवर्क अस्पतालों की सूची जरूर जांचें
  • पॉलिसी लेने से पहले बीमा कंपनी के नेटवर्क अस्पतालों की सूची जरूर चेक कर लें।
  • अगर आपके आसपास के प्रमुख या मनपसंद अस्पताल इस सूची में शामिल होंगे, तो आपको इलाज के दौरान बिना अपनी जेब से पैसे दिए कैशलेस इलाज की सुविधा आसानी से मिल सकेगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
वेटिंग पीरियड का नियम सही से समझें
  • हर हेल्थ पॉलिसी में पुरानी बीमारियों के लिए एक निश्चित वेटिंग पीरियड होता है। आमतौर पर यह 1 से 4 साल तक का हो सकता है।
  • कम वेटिंग पीरियड वाली पॉलिसी चुनना हमेशा बेहतर होता है ताकि आपको जल्द से जल्द क्लेम मिल सके।

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इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट - फोटो : Adobe Stock
रूम रेंट लिमिट और कैपिंग पर ध्यान दें
  • कई पॉलिसियों में अस्पताल के कमरे के किराए पर रोजाना की एक सीमा तय होती है।
  • अगर आप सीमा से महंगा कमरा चुनते हैं, तो पूरे इलाज के बिल का बड़ा हिस्सा आपको खुद जेब से देना पड़ सकता है। इसलिए बिना रूम रेंट लिमिट वाली पॉलिसी चुनें।
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को-पेमेंट और क्लेम सेटलमेंट रेशियो देखें - फोटो : Adobe stock
को-पेमेंट और क्लेम सेटलमेंट रेशियो देखें
  • पॉलिसी में 'को-पेमेंट' क्लॉज की जांच करें, जिसका मतलब होता है कि बिल का कुछ प्रतिशत आपको खुद देना होगा।
  • हमेशा शून्य या बहुत कम को-पेमेंट वाली पॉलिसी ही चुनें। साथ ही कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो भी हमेशा 95 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए।
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