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Voter ID: क्या होता है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन और आप पर क्या पड़ेगा इसका असर? यहां जानें आसान शब्दों में

Mon, 14 Jul 2025 11:21 AM IST
प्रकाश चंद जोशी यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Special Intensive Revision Kya Hota Hai: बिहार में चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन करवाने के बाद से ये शब्द काफी चर्चा में है, लेकिन अधिकतर लोगों का इसका मतलब और इसके तहत क्या कार्य हो रहा है उसके बारे में जानकारी नहीं है। आप यहां इस बारे में जान सकते हैं।
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स्पेशल इंटेसिव रिवीजन क्या होता है? - फोटो : Adobe Stock
Election Commission of India: बिहार में इन दिनों चुनावी माहौल है और हर तरफ राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने-अपने स्तर पर कई कार्य कर रहे हैं। वहीं, इन सबके बीच बिहार में "स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन" शब्द काफी चर्चा में है क्योंकि प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू करवाया गया है। ये भी जान लें कि विपक्षी दल इसका जमकर विरोध कर रहे हैं।

मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा और कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। कोर्ट की तरफ से कहा गया कि चुनाव आयोग आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, और राशन कार्ड के जरिए वोट डाले जाने पर विचार करें। ऐसे में इन दिनों स्पेशल इंटेसिव रिवीजन शब्द काफी चर्चा में है, लेकिन क्या आप जानते हैं ये होता क्या है और इसका आप पर क्या असर पड़ेगा? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं इस बारे में। अगली स्लाइड्स में आप इसके बारे में जान सकते हैं...
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स्पेशल इंटेसिव रिवीजन क्या होता है? - फोटो : Adobe Stock
क्या होता है स्पेशल इंटेसिव रिवीजन?
  • सबसे पहले ये समझ लेते हैं कि स्पेशल इंटेसिव रिवीजन होता क्या है? दरअसल, इसके तहत चुनाव आयोग का काम मतदाता सूची को अपडेट करना होता है। इसमें अगर किसी व्यक्ति का निधन हो गया है, किसी का क्षेत्र बदल गया है आदि तो ऐसे शख्स का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाता है। जबकि, अगर कोई 18 वर्ष का हो गया है तो उसका नाम वोटर लिस्ट से जोड़ दिया जाता है।
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स्पेशल इंटेसिव रिवीजन क्या होता है? - फोटो : Adobe Stock
इस बात को जरूर जान लें
  • जिस तरह से चुनाव आयोग स्पेशल इंटेसिव रिवीजन करवा रहा है। ऐसे में अगर जिस शख्स का नाम पहले से वोटर लिस्ट में है तो उसे किसी तरह का कोई दस्तावेज नहीं दिखना होता है, लेकिन अगर किसी का नाम कटता है तो वो चुनाव आयोग द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार वो दस्तावेज दिखाकर अपना नाम जुड़वा सकता है।

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स्पेशल इंटेसिव रिवीजन क्या होता है? - फोटो : Adobe Stock
आपको क्या करना है?

स्टेप 1
  • आपको सबसे पहले चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट Voters.eci.gov.in पर जाना है और यहां पर 'Download Partially Filled Ford' पर क्लिक करें
  • फिर ईपीआईसी नंबर, मोबाइल नंबर और कैप्चा भरना है और मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को भरें जिसके बाद आपका फॉर्म डाउनलोड हो जाए
  • फिर आपको इस फॉर्म में अपना जानकारी जैसे, नाम, आधार नंबर, पिता का नाम, माता का नाम, पत्नी या पति का नाम, मोबाइल नंबर आदि भरना है
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स्पेशल इंटेसिव रिवीजन क्या होता है? - फोटो : Adobe Stock
स्टेप 2
  • इसके बाद आपको इसमें वो 11 प्रकार के दस्तावेजों में से एक दस्तावेज लगाना है जो आपके पास है
  • इस दस्तावेज पर खुद के हस्ताक्षर करें और फिर फॉर्म के साथ अपलोड कर दें
  • फिर BLO वोटर के पत्ते पर जाकर जानकारी का सत्यापन करेगा और सबकुछ सही पाने पर आपका नाम मतदाता सूची में बना रहेगा, लेकिन सत्यापन न होने पर नाम हटा दिया जाएगा
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स्पेशल इंटेसिव रिवीजन क्या होता है? - फोटो : Adobe Stock
ऑफलाइन भी है तरीका
  • अगर आप ऑनलाइन इस काम को नहीं कर पा रहे हैं, तो आप अपने BLO से संपर्क करके आवेदन फॉर्म ले सकते हैं और अपना सत्यापन करवा सकते हैं
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स्पेशल इंटेसिव रिवीजन क्या होता है? - फोटो : Adobe Stock
जिसका नाम नहीं है सूची में उसका क्या?
  • अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो आपको परेशान नहीं होना है। आपको बस फॉर्म-6 भरना है
  • अगर आपका नाम विशेष गहन पुनरीक्षण में कट जाता है तब भी आपको फॉर्म-6 भरकर ही सबमिट करवाना होगा
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