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'हिट एंड रन' केस में आरोपी को क्या सजा होती है? जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें

Tue, 22 Sep 2026 05:33 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Bharatiya Nyaya Sanhita Hit And Run Law: अक्सर हिट एंड रन केस के मामले में ये देखने को मिलता है कि ड्राइवर मौके से भागने की कोशिश करते हैं। मगर आपको बता दें कि ऐसे मामलों में मौके से भागना नहीं चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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हिट एंड रन कानून नए नियम - फोटो : AI
Hit And Run Case Punishment Rules India: सड़क दुर्घटना के बाद जब कोई चालक पीड़ित व्यक्ति की मदद करने या पुलिस को सूचना देने के बजाय गाड़ी लेकर मौके से भाग जाता है, तो कानून में इसे 'हिट एंड रन' केस कहा जाता है। ऐसे मामलों में समय पर डॉक्टरी इलाज न मिलने के कारण कई बार घायल व्यक्ति की जान चली जाती है। इसे रोकने के लिए भारतीय न्याय संहिता और नए कानूनों में सख्त प्रावधान किए गए हैं।

इसके साथ ही सरकार पीड़ित परिवार को वित्तीय सहायता देने के लिए मुआवजा योजना भी चलाती है। आइए इस लेख में समझते हैं कि हिट एंड रन मामले में आरोपी को क्या सजा मिलती है और पीड़ितों के क्या अधिकार होते हैं।
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Road Accident - फोटो : AdobeStock
हिट एंड रन के नए कानून और सजा के प्रावधान
  • भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(2) के तहत अगर कोई चालक लापरवाही से गाड़ी चलाकर दुर्घटना करता है और पुलिस को सूचित किए बिना भाग जाता है, तो उसे 10 साल तक की जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • हालांकि, अगर चालक तुरंत पीड़ित को अस्पताल पहुंचाता है या पुलिस को खबर करता है, तो उसकी सजा कम हो सकती है।
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Road Accident - फोटो : AdobeStock
दुर्घटना होने पर ड्राइवर की क्या है कानूनी जिम्मेदारी?
  • कानून के अनुसार दुर्घटना होते ही चालक का प्राथमिक कर्तव्य पीड़ित व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल पहुंचाना और घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को देना है।
  • मौके से भागने के बजाय ड्राइवर को पीड़ित को मेडिकल हेल्प दिलाना चाहिए और निकटतम पुलिस थाने जाकर सुचित करना चाहिए।

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Road Accident - फोटो : AdobeStock
  • हिट एंड रन मामलों में जहां टक्कर मारने वाले वाहन का पता नहीं चल पाता, वहां केंद्र सरकार ' हिट एंड रन मोटर दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा देने की योजना' के तहत मुआवजा देती है।
  • इस योजना में दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल होने वाले व्यक्ति को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
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मुआवजा पाने के लिए ऐसे करें आवेदन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
मुआवजा पाने के लिए ऐसे करें आवेदन
  • हिट एंड रन केस में मुआवजा पाने के लिए पीड़ित या उसके परिजनों को सबसे पहले पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करानी होती है।
  • इसके बाद एफआईआर की कॉपी और मेडिकल रिपोर्ट के साथ जिले के क्लेम इंक्वायरी ऑफिसर (एसडीएम दफ्तर) के पास आवेदन जमा करना होता है।
  • जांच पूरी होने के बाद मुआवजा राशि सीधे पीड़ित के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
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