बैंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन के इस दौर में 'केवाईसी' शब्द से हम सभी परिचित हैं। मगर कई बार दस्तावेजों की कमी के कारण पूर्ण सत्यापन में समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में बैंक 'मिनी केवाईसी' या 'मिनिमम केवाईसी' का विकल्प देती है। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से उन ग्राहकों के लिए बनाई गई है जो तुरंत बैंक खाता खोलना चाहते हैं या डिजिटल वॉलेट एक्टिव करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास उस वक्त सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते।
सरल करके समझें तो मिनी केवाईसी की जरूरत मुख्य रूप से स्मॉल सेविंग्स अकाउंट, जीरो बैलेंस अकाउंट, या प्रीपेड वॉलेट के लिए होती है, जब ग्राहक के पास तुरंत पूर्ण केवाईसी दस्तावेज नहीं होते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में अच्छे से समझते हैं।