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Plane Crash: क्या होती है कॉन्फिगरेशन एरर और क्या अहमदाबाद प्लेन क्रैश में भी कुछ ऐसा हुआ? यहां जानें

Fri, 13 Jun 2025 07:48 AM IST
प्रकाश चंद जोशी यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Flight Configuration Error: 12 जून 2025 की दोपहर को अहमदाबाद से लंदन जा रहा प्लेन हादसे का शिकार हो गया। ऐसे में अब सवाल ये है कि आखिर टेकऑफ करते हुए प्लेन में ऐसी क्या खामी आई जिसके कारण वो क्रैश हो गया?
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क्या होता है ब्लैक बॉक्स और कॉन्फिगरेशन एरर? (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
Ahmedabad Plane Crash Details In Hindi: बीती दोपहर को अहमदाबाद में जो कुछ भी हुआ उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। अहमदाबाद से एअर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI171 लंदन जा रही थी। फ्लाइट ने टेकऑफ किया तो सबकुछ ठीक था, लेकिन लगभग एक मिनट के अंदर फ्लाइट ठीक से वो ऊंचाई भी तय नहीं कर पाई जो एक प्लेन को उड़ने के लिए जरूरी होती है और फिर महज कुछ दूरी पर जाते ही प्लेन नीचे की और गिरा, जिसके बाद प्लेन आग का गोला बन गया। ऐसे में ये सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बोइंग 787-8, VT-ANB इस विमान में ऐसा क्या हुआ जो ये टेकऑफ के दौरान ही क्रैश हो गया? तो चलिए इस बारे में जानने की कोशिश करते हैं...
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क्या होता है ब्लैक बॉक्स और कॉन्फिगरेशन एरर? - फोटो : पीटीआई
अहमदाबाद प्लेन हादसा कई सवालों को दे रहा जन्म
  • दरअसल, एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 जिस तरह से दुर्घटनाग्रस्त हुई वो कई सवालों को जन्म दे रही है। जिस तरह से मौसम एकदम साफ था, फ्लाइट को उड़ान से पहले चेक किया गया आदि। ऐसे में फ्लाइट उड़ने के लिए तैयार थी, लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ जो फ्लाइट उड़ते ही क्रैश हो गई?
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क्या होता है ब्लैक बॉक्स और कॉन्फिगरेशन एरर? - फोटो : पीटीआई
  • बोइंग के इस विमान का हुआ हादसा ये भी इशारा करता हुआ नजर आ रहा है कि अगर टेकऑफ के दौरान कोई छोटी सी तकनीकी गलती हो जाए या फिर कॉन्फिगरेशन एरर हो जाए, तो कैसे एक बड़ा विमान हादसा हो सकता है।

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क्या होता है ब्लैक बॉक्स और कॉन्फिगरेशन एरर? - फोटो : freepik
क्या होता है कॉन्फिगरेशन एरर?
  • आखिर ये कॉन्फिगरेशन एरर होता क्या है तो जान लें इसका मतलब होता है ऑपरेशन से जुड़ी गलती। टेकऑफ करते समय अगर कॉन्फिगरेशन एरर हो जाए तो विमान हादसे का शिकार हो सकता है। इसे आप ऐसे समझिए कि अगर टेकऑफ के समय कॉन्फिगरेशन एरर हो जाए तो इसका सीधा मतलब होता है कि विमान की उन सेटिंग्स में गलती, जो उसे सही ढंग से उड़ान भरे से रोक देती हैं।
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क्या होता है ब्लैक बॉक्स और कॉन्फिगरेशन एरर? - फोटो : Adobe Stock
  • इन गलतियों में कई तरह की गलतियां शामिल हो सकती हैं जिसमें मुख्यत: कम थ्रस्ट, फ्रैप्स की गलत सेटिंग, लैंडिंग गियर न उठाना या समय से पहले टेकऑफ करना आदि शामिल हैं। इनमें से अगर कोई भी गलती होती है तो विमान को उड़ान भरने से लेकर उड़ान के लिए जरूरी उंचाई पकड़ने जैसी कई दिक्कतें आ सकती हैं या विमान नियंत्रण भी खो सकता है।
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क्या होता है ब्लैक बॉक्स और कॉन्फिगरेशन एरर? - फोटो : Adobe Stock
अब ब्लैक बॉक्स ही खोलेगा राज?
  • फ्लाइट में नारंगी रंग के दो मजबूत उपकरण होते हैं। इसमें पहला उपकरण रिकॉर्डर यानी FDR, जो विमान की ऊंचाई, गति, इंजन की स्थिति और पालयट द्वारा की गई हर तकनीकी क्रिया को रिकॉर्ड करता है। जबकि, दूसरा उपकरण कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर यानी जो पायलटों की बातचीत होती है, कंट्रोल टॉवर से पायलट की जो बातचीत होती है, रेडियो संपर्क और कॉकपिट की बाकी सभी आवाजों को रिकॉर्ड करता है। इसी को हम ब्लैक बॉक्स कहते हैं।
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क्या होता है ब्लैक बॉक्स और कॉन्फिगरेशन एरर? - फोटो : Adobe Stock
इतने घंटी की होती है रिकॉर्डिंग
  • विशेषज्ञों के अनुसार, इस ब्लैक बॉक्स में लगातार 25 घंटे तक की उड़ान की जानकारी रिकॉर्ड होती है। ऐसे में इसी ब्लैक बॉक्स से भी अहमदबाद से लंदन जा रही फ्लाइट में ऐसी क्या दिक्कत आई जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई की जानकारी मिलेगी। हालाकि, अगर ये ब्लैक बॉक्स सही स्थिति में होगा तो इसमें लगभग दो से चार हफ्ते तक समय लग सकता है। जबकि, अगर ये बॉक्स जल गया होगा या क्षतिग्रस्त हुआ होगा तो इसे साफ करने, सुखाने और मरम्मत जैसे कामों के कारण इसमें अधिक समय लग सकता है।
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क्या होता है ब्लैक बॉक्स और कॉन्फिगरेशन एरर? - फोटो : Adobe Stock
लग सकता है लंबा समय
  • अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन के नियमों की मानें तो प्रारंभिक रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर जारी करनी होती है। पर पूरी रिपोर्ट आने में 12-24 महीने तक का समय लग सकता है। ब्लैक बॉक्स को भारत की विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो AAIB या किसी अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशाला में भेजा जाता है। इसमें उड़ान डाटा और ऑडियो को एक साझा टाइमलाइन पर मिलाया जाता है और एयर ट्रैफिक कंट्रोल रिकॉर्ड तथा रडार डाटा से तुलना की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में समय लगता है।
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