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म्यूचुअल फंड: नॉमिनी नहीं बनाया है तो म्यूचुअल फंड का पैसा किस प्रक्रिया से मिलता है? यहां जानें जरूरी बातें

Thu, 27 Aug 2026 06:25 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Legal Heir Certificate Mutual Fund: आजकल बहुत से लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि कई लोग उसमें नॉमिनी दर्ज करना भूल जाते हैं। आपको बता दें कि अगर म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी नहीं जुड़ा है, तो निवेशक के बाद पैसा क्लेम करने में काफी परेशानी हो सकती है। आइए, इस लेख में इसी प्रक्रिया को विस्तार से समझते हैं।
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म्यूचुअल फंड नॉमिनी - फोटो : AI
Mutual Fund Without Nominee: म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय नॉमिनी का नाम जोड़ना सबसे जरूरी काम माना जाता है, लेकिन अक्सर लोग जल्दबाजी में या जानकारी के अभाव में इस कॉलम को खाली छोड़ देते हैं। यदि किसी निवेशक की अचानक मृत्यु हो जाती है और उसने अपने पोर्टफोलियो में किसी को नॉमिनी नहीं बनाया है, तो उसके परिवार के सामने पैसों को निकालने को लेकर बड़ी मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं।

ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के तहत एक कानूनी प्रक्रिया के जरिए इस फंसे हुए पैसे को वापस पाया जा सकता है।
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mutual fund - फोटो : Adobestock
नॉमिनी न होने पर कानूनी दस्तावेजों की जरूरत
  • नॉमिनी न होने पर म्यूचुअल फंड कंपनियों या रजिस्ट्रार को सीधे पैसे ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं होता है।
  • बता दें कि कुछ मामलों में दो लाख रुपये तक की राशि के लिए बिना कोर्ट गए कुछ शपथ पत्र और बांड देकर काम हो सकता है।
  • ऐसे में मृतक के कानूनी वारिसों को कोर्ट या स्थानीय प्रशासन से 'सक्सेशन सर्टिफिकेट', 'लीगल हेयर सर्टिफिकेट' या 'प्रोबेट' हासिल करना पड़ता है, जो यह साबित करता है कि आवेदन करने वाला व्यक्ति ही संपत्ति का असली और वैध हकदार है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
आवश्यक दस्तावेजों को तैयार करने की प्रक्रिया
  • कानूनी प्रमाण पत्र बनवाने के साथ-साथ परिवार को कुछ बेहद जरूरी कागजात भी एक साथ जुटाकर रखने होते हैं। 
  • इनमें दिवंगत निवेशक का मृत्यु प्रमाण पत्र, सभी दावेदारों का पैन कार्ड, आधार कार्ड, रहने का पता और म्यूचुअल फंड फोलियो की पूरी जानकारी या अकाउंट स्टेटमेंट शामिल हैं।
  • अगर निवेशक ने अपने पीछे कोई वसीयत छोड़ी है, तो उसे जरूर संभालकर सामने रखें, क्योंकि इससे आपकी आधी से ज्यादा कानूनी कागजी प्रक्रिया बहुत आसान और तेज हो जाती है।

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म्यूचुअल फंड कंपनी या आरटीए में आवेदन करना - फोटो : AdobeStock
म्यूचुअल फंड कंपनी या आरटीए में आवेदन करना
  • सभी जरूरी कागजात तैयार होने के बाद, वारिसों को संबंधित एसेट मैनेजमेंट कंपनी या उसके आधिकारिक रजिस्ट्रार ऑफिस में जाकर ट्रांसमिशन फॉर्म भरना होता है।
  • इसके साथ मृतक का डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की प्रमाणित कॉपी जमा करनी पड़ती है, जिसके बाद फंड हाउस दस्तावेजों की गहराई से जांच-पड़ताल करता है।
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सत्यापन के बाद बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर होना - फोटो : Adobe Stock
सत्यापन के बाद बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर होना
  • फंड हाउस और रजिस्ट्रार द्वारा सभी दस्तावेजों और कानूनी दावों की पूरी तरह पुष्टि करने के बाद, मृतक के म्यूचुअल फंड यूनिट्स को रिडीम किया जाता है।
  • इसके बाद सारा पैसा नियमों के अनुसार वैध उत्तराधिकारी के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर कर दिया जाता है।
  • इस पूरी प्रक्रिया में थोड़ा समय जरूर लग सकता है, इसलिए भविष्य की परेशानियों से बचने के लिए समय रहते अपने फंड में नॉमिनी का नाम जरूर अपडेट कर लें।
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