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चेतना की हैं चार अवस्थाएं, जानिए क्या हैं इनके अर्थ

Sat, 08 Jul 2023 03:27 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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What are the 4 stages of consciousness - फोटो : Istock
बीते लंबे समय से चेतना के अस्तित्व को लेकर वाद विवाद चलता आ रहा है। अध्यात्म इसे एक अलग नजरिए से देखता है। वहीं विज्ञान का चेतना को देखने का दृष्टिकोण उससे बिल्कुल भिन्न है। चेतना से अभिप्राय अस्तित्व की अनुभूति से है। चेतना वह माध्यम है, जिसकी मदद से हम इस भौतिक संसार का अनुभव करते हैं। चेतना बहुत ही जटिल पहलू है, जिसे आध्यात्मिक, वैज्ञानिक, मनोविज्ञान, न्यूरोसाइंस आदि ने अपने अपने तर्क और व्याखाओं के आधार पर समझाने की कोशिश की है। हालांकि, अभी तक इसके रहस्य को पूरी तरह सुलझाया नहीं जा सका है। इसी सिलसिले में इस खबर के माध्यम से आज हम आपको चेतना की अवस्थाओं के बारे में बताने जा रहे हैं। चेतना को मुख्य तौर पर चार अवस्थाओं में वर्गीकृत किया गया है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार पूर्ण ढंग से - 
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What are the 4 stages of consciousness - फोटो : istock

जागृत अवस्था

मनुष्य को उसकी इंद्रियों (कान, नाक, आंख आदि) से जो बाहरी जगत का अनुभव होता है और उनके आधार पर जिन कर्मों को वह करता है। उसको जागृत अवस्था कहा जाता है। 
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What are the 4 stages of consciousness - फोटो : सोशल मीडिया

स्वप्न अवस्था 

स्पप्न अवस्था में व्यक्ति के ऊपर अनुभवों का लोभ अधिक बढ़ जाता है। स्वप्न अवस्था को जागृत अवस्था से ज्यादा शक्तिशाली माना गया है। कई बार जो अनुभव हमें बाहरी जगत में नहीं मिलते हैं। वे अनुभव मन स्मृति के माध्यम से कल्पनाओं में ले लेता है। इसी को स्वप्न अवस्था कहा गया है। 

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What are the 4 stages of consciousness - फोटो : istock

सुषुप्ति

चेतना की इस अवस्था में व्यक्ति को उसके अपने होने भर के भाव से आनंद मिलता है। सुषुप्ति अवस्था में मिलने वाला आनंद आत्मा के काफी निकट होता है। 
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What are the 4 stages of consciousness

तुरीय अवस्था 

यह अवस्था चेतना के जागृत, स्वप्न और सुषुप्ति अवस्था से श्रेष्ठ होती है। गौरतलब बात है कि इसको अवस्था नहीं कहा जाता है। चेतना जब स्वच्छ और शुद्ध हो जाती है। उस अवस्था को तुरीय कहा जाता है।
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