बीते लंबे समय से चेतना के अस्तित्व को लेकर वाद विवाद चलता आ रहा है। अध्यात्म इसे एक अलग नजरिए से देखता है। वहीं विज्ञान का चेतना को देखने का दृष्टिकोण उससे बिल्कुल भिन्न है। चेतना से अभिप्राय अस्तित्व की अनुभूति से है। चेतना वह माध्यम है, जिसकी मदद से हम इस भौतिक संसार का अनुभव करते हैं। चेतना बहुत ही जटिल पहलू है, जिसे आध्यात्मिक, वैज्ञानिक, मनोविज्ञान, न्यूरोसाइंस आदि ने अपने अपने तर्क और व्याखाओं के आधार पर समझाने की कोशिश की है। हालांकि, अभी तक इसके रहस्य को पूरी तरह सुलझाया नहीं जा सका है। इसी सिलसिले में इस खबर के माध्यम से आज हम आपको चेतना की अवस्थाओं के बारे में बताने जा रहे हैं। चेतना को मुख्य तौर पर चार अवस्थाओं में वर्गीकृत किया गया है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार पूर्ण ढंग से -