टॉप फ्लोर में रहने वालों लोगों के लिए अच्छी खबर
- फोटो : Adobe Stock
अथॉरिटी के आदेश को सोसायटी ने दी थी चुनौती
हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि सोसायटी को राहत न देने के संबंध में साल 2015 में सहकारिता विभाग की रिवीजनल अथॉरिटी (मंत्री) ने जो वजहें बताए हैं, वे ठोस हैं। वो कानून के प्रावधानों के अनुरूप है। अथॉरिटी के आदेश में कोई खामी नहीं है, जिसके कारण उसे कायम रखा जाता है। इससे पहले जॉइंट रजिस्ट्रार ने भी सोसायटी को राहत देने से मना कर दिया था। सोसायटी ने अथॉरिटी के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।