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Know Your Rights: क्या मकान मालिक बिना पूछे आपके फ्लैट में घुस सकता है? जानें इससे जुड़े कानूनी नियम

Tue, 14 Jul 2026 07:36 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Tenant Privacy Rights India: अक्सर ऐसे मामले देखने को मिलते हैं जिसमें किराएदार के कमरे या फ्लैट में बिना पूछे मकान मालिक घुस जाते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं कि इस स्थिति में किराएदारी के क्या अधिकार होते हैं।
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किरायेदार के कानूनी अधिकार - फोटो : AI
किराये के मकान या फ्लैट में रहने वाले लोगों के साथ अक्सर यह समस्या देखी जाती है कि मकान मालिक जब चाहे, बिना किसी पूर्व सूचना के उनके घर में चेकिंग के नाम पर घुस आते हैं। कई बार मकान मालिक इसे अपना हक समझते हैं, जिससे किरायेदार की प्राइवेसी (निजता) पूरी तरह खत्म हो जाती है और दोनों पक्षों में विवाद बढ़ जाता है। 

एक आम इंसान को यह मालूम होना चाहिए कि घर भले ही मकान मालिक का हो, लेकिन रेंट एग्रीमेंट होने के बाद उस पर कानूनी रूप से किरायेदार का अधिकार हो जाता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं कि देश के कानूनी नियमों के तहत इस मामले में किरायेदार के क्या अधिकार होते हैं।
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house rent agreement - फोटो : Amar Ujala
मकान मालिक बिना अनुमति नहीं कर सकता प्रवेश
मॉडल टेनेंसी एक्ट और भारतीय कानून के मुताबिक, मकान मालिक अपनी मर्जी से जब चाहे किरायेदार के फ्लैट में नहीं घुस सकता। घर में प्रवेश करने से कम से कम 24 घंटे पहले मकान मालिक को किरायेदार को लिखित या मौखिक (फोन/मेसेज द्वारा) सूचना देनी होगी। इसके साथ ही, वह सिर्फ सुबह 7 बजे से शाम 8 बजे के बीच ही घर के अंदर आ सकता है।
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house rent agreement - फोटो : Amar Ujala
किरायेदार की प्राइवेसी का अधिकार सबसे ऊपर
कानूनन, रेंट एग्रीमेंट साइन होने के बाद किरायेदार को उस प्रॉपर्टी पर 'राइट टू प्राइवेसी' यानी निजता का पूरा अधिकार मिल जाता है। मकान मालिक फ्लैट की मरम्मत, निरीक्षण या नए किरायेदार को घर दिखाने के नाम पर बार-बार आकर परेशान नहीं कर सकता। अगर मकान मालिक बिना बताए या जबरदस्ती ताला खोलकर अंदर घुसता है, तो इसे कानून की भाषा में 'अनाधिकार प्रवेश' माना जाता है।

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house rent agreement - फोटो : Amar Ujala
आपातकालीन स्थिति में ही है बिना पूछे आने की छूट
कानून में मकान मालिक को सिर्फ कुछ बेहद खास या आपातकालीन परिस्थितियों में ही बिना पूछे अंदर जाने की छूट दी गई है। उदाहरण के लिए, अगर फ्लैट के अंदर शॉर्ट सर्किट से आग लग जाए, पानी की मुख्य पाइपलाइन फटने से पूरा घर डूब रहा हो, या कोई अन्य गंभीर चिकित्सा आपातकाल हो, तो मकान मालिक जान-माल की सुरक्षा के लिए तुरंत अंदर कदम रख सकता है।
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परेशान करने पर किरायेदार कर सकता है कानूनी कार्रवाई - फोटो : AI
परेशान करने पर किरायेदार कर सकता है कानूनी कार्रवाई
अगर समझाने के बाद भी मकान मालिक आपकी प्राइवेसी का उल्लंघन करता है और बार-बार बिना पूछे घर में आता है, तो आप उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विवाद से बचने के लिए हमेशा रेंट एग्रीमेंट बनवाते समय ही 'लैंडलॉर्ड एंट्री क्लॉज' को साफ-साफ लिखवा लें। रेंट कंट्रोल एक्ट के तहत किरायेदार को मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ कोर्ट जाने का भी पूरा अधिकार है।
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