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TDS Refund Guide: नौकरीपेशा लोगों का सैलरी से कटा TDS वापस कैसे मिलता है? जानिए रिफंड क्लेम का आसान तरीका

Wed, 15 Jul 2026 05:13 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

31 जुलाई को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-1 या ITR-2) फाइल करने की आखिरी तारीख है। बता दें TDS रिफंड भी इसी के तहत रिटर्न फाइल किया जाता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं कि अगर आपकी सैलरी से भी TDS कटता है तो आप कैसे रिफंंड पा सकते हैं।
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टीडीएस रिफंड कैसे लें - फोटो : AI
TDS Refund Process Guide: नौकरीपेशा लोगों के लिए हर महीने सैलरी स्लिप में टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) के नाम पर कटने वाला पैसा काफी परेशान करने वाला होता है। कई बार कंपनी आपकी कुल सालाना आय पर अनुमान लगाकर एडवांस में ही ज्यादा टैक्स काट लेती है।

मगर एक आम इंसान के लिए राहत की बात यह है कि अगर आपका टैक्स बनता ही नहीं था या कम बनता था, तो आप सरकार से अपना पूरा कटा हुआ पैसा वापस पा सकते हैं। आइए इस लेख में समझते हैं कि सैलरी से कटे इस टीडीएस को वापस पाने का सही तरीका क्या है और इसके क्या नियम हैं।
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सबसे पहले चेक करें फॉर्म 26AS और फॉर्म 16 - फोटो : Adobe Stock
सबसे पहले चेक करें फॉर्म 26AS और फॉर्म 16
टीडीएस रिफंड का दावा करने से पहले आपको इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपना फॉर्म 26AS डाउनलोड करके यह देखना होगा कि कंपनी ने जो टैक्स काटा है, वह सरकार के पास जमा हुआ है या नहीं। इसके साथ ही अपनी कंपनी के फाइनेंस विभाग से फॉर्म 16 जरूर ले लें, जिसमें आपकी सैलरी और कटे हुए टैक्स का पूरा ब्यौरा (हिसाब-किताब) दर्ज होता है।
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इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना है एकमात्र तरीका - फोटो : Adobe Stock
टीडीएस रिफंड की आखिरी तारीख क्या है?
सैलरी से कटा हुआ टीडीएस अपने आप वापस बैंक खाते में नहीं आता, इसके लिए आपको हर साल निर्धारित आखिरी तारीख से पहले अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-1 या ITR-2) ऑनलाइन फाइल करना अनिवार्य होता है। बता दें इस बार 31 जुलाई इसकी आखिरि तारीख है। जब आप अपनी कुल सालाना कमाई और निवेश (जैसे LIC, PPF, मेडिकल इंश्योरेंस) की जानकारी पोर्टल पर भरते हैं, तो सिस्टम खुद-ब-खुद आपके रिफंड की रकम की गणना कर देता है।

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बैंक खाते का प्री-वैलिडेट होना जरूरी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
बैंक खाते का प्री-वैलिडेट होना जरूरी
आईटीआर भरते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपका वह बैंक खाता पूरी तरह से चालू और पैन कार्ड से लिंक होना चाहिए, जिसमें आप रिफंड का पैसा मंगाना चाहते हैं। इनकम टैक्स के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने बैंक अकाउंट को 'प्री-वैलिडेट' जरूर कर लें, क्योंकि खाता सत्यापित न होने की स्थिति में टैक्स विभाग चाहकर भी आपका रिफंड जारी नहीं कर पाता है।
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कितने दिनों में आता है पैसा और कैसे चेक करें स्टेटस - फोटो : Adobe Stock
कितने दिनों में आता है पैसा और कैसे चेक करें स्टेटस
जब आप अपना आईटीआर भरकर उसे ई-वेरिफाई (आधार ओटीपी के जरिए) कर देते हैं, तो टैक्स विभाग आपकी फाइल की जांच करता है। आमतौर पर फॉर्म वेरिफाई होने के 2 से 4 सप्ताह (कुछ दिनों से लेकर एक महीने) के भीतर रिफंड का पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाता है। आप आयकर विभाग की वेबसाइट पर 'रिफंड स्टेटस' वाले विकल्प पर जाकर अपनी रकम का ताजा अपडेट कभी भी देख सकते हैं।
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