अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज लगातार चर्चा में बना हुआ है। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है। युद्ध के दौरान ईरान द्वारा इस जलमार्ग को ब्लॉक किए जाने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर नकारात्मक असर पड़ा। भारत, चीन और जापान जैसे देशों की ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक इसी रूट पर निर्भर हैं।
हाल ही में अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। सीजफायर के बाद ईरान ने दो हफ्तों तक इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की बात कही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित दो हफ्तों के सीजफायर के दौरान जहाजों को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।