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Smartphone Tips: सोते समय तकिए के नीचे फोन रखना चाहिए या नहीं? यहां दूर कर लें कंफ्यूजन

Sat, 13 Jun 2026 12:32 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Phone Under Pillow Danger: अक्सर ये देखने को मिलता है कि कुछ लोग अपने मोबाइल फोन को रात में सोते समय तकिए के नीचे रखकर सोते हैं। बता दें कि यह आदत कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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तकिए के नीचे फोन रखकर सोने की आदत - फोटो : AI
Mobile Battery Overheating: स्मार्टफोन आज हमारी सहूलियत से ज्यादा हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। सुबह की अलार्म से लेकर रात की आखिरी चैट तक, यह हर पल हमारे हाथों में रहता है। यही वजह है कि बिस्तर पर जाने के बाद भी अक्सर लोग इसे खुद से दूर नहीं कर पाते और सोते समय तकिए के नीचे या बिल्कुल सिर के पास रख लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुकून की नींद के बीच पल रही यह छोटी सी आदत कितनी जानलेवा साबित हो सकती है?

रातभर बंद और हवा रहित जगह पर रहने के कारण फोन का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है, जो इसे एक मूक 'टाइम बम' में बदल सकता है। यह आदत न सिर्फ आपके फोन को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आपकी सेहत और मानसिक शांति को भी धीरे-धीरे खोखला करती है। आइए इस लेख में समझते हैं कि तकिए के नीचे फोन रखना क्यों खतरनाक है और इसके क्या नुकसान हैं।
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तकिए के नीचे फोन गर्म होने का असली कारण - फोटो : FREEPIK
तकिए के नीचे फोन गर्म होने का असली कारण
  • चार्ज होते या ऑन रहते समय फोन से लगातार गर्मी निकलती है, जिसे बाहर निकलने के लिए खुली हवा की जरूरत होती है।
  • तकिया और गद्दा गर्मी को सोखने के बजाय उसे वहीं रोक देते हैं, जिससे फोन का तापमान सामान्य से कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है।
  • वेंटिलेशन न मिलने से फोन की लिथियम-आयन बैटरी अंदर ही अंदर उबलने लगती है, जो मोबाइल के फटने की आशंका को कई गुना बढ़ा देती है।
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थर्मल रनअवे का बड़ा खतरा - फोटो : Adobe Stock
थर्मल रनअवे का बड़ा खतरा
  • जब बैटरी का तापमान एक तय सीमा को पार कर जाता है, तो वह शॉर्ट सर्किट होकर अचानक आग पकड़ सकती है।
  • बिस्तर के कपड़े और रुई जैसी चीजें आग को बहुत तेजी से पकड़ती हैं, जिससे सोते हुए इंसान को संभलने का मौका नहीं मिलता।
  • अगर फोन नकली या डैमेज चार्जर से कनेक्टेड है और तकिए के नीचे है, तो ब्लास्ट की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।

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सेहत पर पड़ने वाला धीमा और खतरनाक असर - फोटो : FREEPIK
सेहत पर पड़ने वाला धीमा और खतरनाक असर
  • सिर के पास फोन रखने से निकलने वाला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन हमारे मस्तिष्क की गहरी नींद की क्षमता को कम करता है।
  • सुबह उठने पर भारीपन, लगातार सिरदर्द और चिड़चिड़ापन महसूस होने के पीछे रातभर सिर के पास रखा फोन ही होता है।
  • इतना ही नहीं रात में सोते समय फोन चलाने पर स्क्रीन की नीली रोशनी और रेडिएशन शरीर में मेलाटोनिन नाम के स्लीप हार्मोन को बनने से रोकते हैं, जिससे अच्छी नींद नहीं आती है।
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सुरक्षित रहने के लिए आज ही बदलें ये आदतें - फोटो : Adobe stock
सुरक्षित रहने के लिए आज ही बदलें ये आदतें
  • सोते समय अपने मोबाइल को खुद से कम से कम 3 से 4 फीट दूर किसी ठोस और खुली सतह (जैसे टेबल) पर रखें।
  • कभी भी फोन को बेड, गद्दे या सोफे पर रखकर चार्ज न करें, चार्जिंग हमेशा समतल और ठोस जगह पर करें।
  • अगर फोन पास रखना मजबूरी हो, तो उसे साइलेंट करने के बजाय फ्लाइट मोड पर डाल दें ताकि रेडिएशन कम से कम हो।
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