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Mobile Tips: क्यों कभी भी फोन की ब्राइटनेस 100% पर लगातार नहीं रखनी चाहिए? यहां समझें

Tue, 26 May 2026 05:03 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Prevent Mobile Display Ghost Image: अक्सर ये देखने को मिलता है कि बहुत से लोग फोन की ब्राइटनेस को 100% करके इस्तेमाल करते हैँ। आइए इस लेख में यही समझते हैं कि इसके क्या नुकसान होते हैं।
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100% ब्राइटनेस पर फोन इस्तेमाल करने के नुकसान - फोटो : AI
Why 100 Percent Phone Brightness is Bad: आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हम सब के जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। अक्सर ये देखने को मिलता है कि लोग धूप में स्क्रीन को साफ देखने के लिए या फिर रील्स और वीडियो देखते समय अपने फोन की ब्राइटनेस को पूरे 100% पर सेट कर देते हैं। कई लोग तो घर के अंदर या रात के अंधेरे में भी फुल ब्राइटनेस पर ही फोन चलाना पसंद करते हैं। 

आमतौर पर लोगों को लगता है कि इससे स्क्रीन ज्यादा साफ दिखेगी, लेकिन लगातार 100% ब्राइटनेस रखना आपके स्मार्टफोन और आपकी सेहत दोनों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इतना ही नहीं यह छोटी सी आदत आपके महंगे फोन को समय से पहले बेकार कर सकती है। आइए इस लेख में समझते हैं कि ऐसा करने से क्या नुकसान हो सकते हैं।
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डिस्प्ले को हमेशा के लिए बर्बाद कर देता है 'स्क्रीन बर्न-इन' - फोटो : Adobe Stock
डिस्प्ले को हमेशा के लिए बर्बाद कर देता है 'स्क्रीन बर्न-इन'
  • लगातार फुल ब्राइटनेस पर फोन रखने से विशेषकर एमोलेड डिस्प्ले वाले फोन में 'स्क्रीन बर्न-इन' या 'घोस्ट इमेज' की समस्या आ जाती है।
  • एक बार स्क्रीन बर्न-इन होने पर इसे ठीक नहीं किया जा सकता, और फिर स्क्रीन बदलने के लिए आपको हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
  • दरअसल, स्क्रीन के पिक्सल्स अत्यधिक लाइट और गर्मी के कारण अंदर से झुलस जाते हैं, जिससे स्क्रीन पर हमेशा के लिए धुंधले धब्बे या परछाई दिखने लगती है।
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फोन भट्टी की तरह गर्म होना - फोटो : Adobe Stock
फोन भट्टी की तरह गर्म होना
  • फोन की स्क्रीन सबसे ज्यादा बिजली खाती है, ब्राइटनेस 100% रखने पर बैटरी बहुत तेजी से खत्म होने लगती है।
  • लगातार अत्यधिक हीटिंग के कारण स्मार्टफोन की बैटरी की कुल उम्र तेजी से घट जाती है और ऐसे में बैटरी फूल भी सकती है।
  • फुल लाइट पैदा करने के लिए फोन के आंतरिक पार्ट्स पर भारी लोड पड़ता है, जिससे फोन गर्म होकर हैंग होने लगता है।

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आंखों की रोशनी और मानसिक सेहत पर सीधा हमला - फोटो : Adobe Stock
आंखों की रोशनी और मानसिक सेहत पर सीधा हमला
  • फुल ब्राइटनेस से निकलने वाली तेज 'ब्लू लाइट' आंखों के लेंस को थका देती है, जिससे आंखें लाल होना और पानी आने की समस्या होती है।
  • लंबे समय तक यह आदत बनी रहने से आंखों की ड्राईनेस बढ़ जाती है और छोटी उम्र में ही मोटा चश्मा चढ़ने का खतरा रहता है।
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स्क्रीन और आंखों को बचाने वाले हैक्स - फोटो : Adobe Stock
स्क्रीन और आंखों को बचाने वाले हैक्स
  • अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर ऑटो-ब्राइटनेस ऑन करें, यह धूप और अंधेरे के हिसाब से रोशनी को अपने आप सेट कर देता है।
  • इससे आपका स्क्रिन लंबे समय तक चलता है और आपके आंखों के लिए हेल्दी होता है।
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