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भारतीय रेलवे: RLWL या PQWL, किस वेटिंग लिस्ट के कन्फर्म होने की होती है अधिक संभावना?

Thu, 27 Aug 2026 04:09 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय रेलवे में जब लोग टिकट बुक करते हैं तो उन्हें कई तरह के वेटिंग देखने को मिलते हैं। GNWL, PQWL, RLWL इनमें से प्रमुख वेटिंग हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं कि इन अलग-अलग तरह के वेटिंग लिस्ट का क्या मतलब है और कौन सी वेटिंग लिस्ट पहले कंफर्म होती है।
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Indian Railways - फोटो : Adobe Stock
RLWL vs PQWL Confirmation Chance: भारतीय रेलवे से यात्रा करते समय अक्सर हमें कन्फर्म सीट के बजाय वेटिंग टिकट मिलती है। टिकट पर लिखे RLWL या PQWL जैसे कोड अक्सर यात्रियों को उलझन में डाल देते हैं। लोगों के मन में हमेशा यह सवाल रहता है कि आखिर किस वेटिंग लिस्ट के कन्फर्म होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। 

बता दें कि हर वेटिंग लिस्ट का अपना अलग नियम और कोटा होता है, जो सीट मिलने की संभावना को तय करता है। अगर आप भी अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, तो टिकट बुक करने से पहले इन दोनों के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है, ताकि आखिरी वक्त में आपकी यात्रा रद्द न हो।
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RLWL (रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट) का मतलब - फोटो : Adobe Stock
RLWL (रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट) का मतलब
  • यह टिकट तब मिलती है जब आप ट्रेन के रूट में पड़ने वाले किसी बड़े और मुख्य स्टेशन से सफर करते हैं।
  • रेलवे ऐसे महत्वपूर्ण बीच वाले स्टेशनों के लिए बर्थ का एक विशेष कोटा तय करके रखता है। 
  • ये समझना जरूरी है कि रेलवे के नियमों के मुताबिक, जनरल वेटिंग (GNWL) के बाद कंप्यूटर सबसे पहले RLWL के टिकटों को ही कन्फर्म करता है।
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PQWL (पूल कोटा वेटिंग लिस्ट) के मुख्य नियम - फोटो : Adobe Stock
PQWL (पूल कोटा वेटिंग लिस्ट) के मुख्य नियम
  • यह वेटिंग उन यात्रियों को मिलती है जो ट्रेन के सफर में किसी छोटे स्टेशन से चढ़कर दूसरे छोटे स्टेशन पर उतरते हैं।
  • इसमें कई छोटे स्टेशनों को मिलाकर एक साझा पूल कोटा बनाया जाता है, जिसके तहत सीटें काफी कम होती हैं।
  • इस कोटे में टिकट बहुत कम रद्द होते हैं, जिसकी वजह से वेटिंग बहुत धीमी गति से आगे बढ़ती है और इसके क्लियर होने की उम्मीद काफी कम होती है।

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किसके कन्फर्म होने की संभावना है सबसे ज्यादा - फोटो : Adobe Stock
किसके कन्फर्म होने की संभावना है सबसे ज्यादा
  • अगर तुलना की जाए, तो RLWL टिकट के कन्फर्म होने के चांस PQWL की तुलना में काफी ज्यादा होते हैं।
  • RLWL में अगर 10 से 15 तक की वेटिंग है, तो उसके कन्फर्म होने की पूरी उम्मीद रहती है।
  • इसके विपरीत, PQWL में अगर वेटिंग 5 से भी ज्यादा है, तो सीट मिलने के चांस न के बराबर होते हैं क्योंकि इस कोटे में सीटों का दायरा बहुत सीमित होता है।
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यात्रियों के लिए काम की स्मार्ट बुकिंग सलाह - फोटो : Adobe Stock
यात्रियों के लिए काम की स्मार्ट बुकिंग सलाह
  • ट्रेन में सफर करते समय हमेशा कोशिश करें कि आपको GNWL या फिर RLWL टिकट ही मिले।
  • अगर आपको PQWL में लंबी वेटिंग मिल रही है, तो रिस्क लेने से बचें।
  • इसके अलावा, आईआरसीटीसी पर बुकिंग करते समय 'विकल्प' स्कीम का उपयोग जरूर करें, ताकि जरूरत पड़ने पर आपको दूसरी ट्रेन में सीट मिल सके और आपकी यात्रा सुरक्षित हो सके।
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