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Republic Day Parade: थीम फाइनल होने से परेड तक...जानें परेड में शामिल होने वाली झांकियों का चयन कैसे होता है?

Thu, 15 Jan 2026 11:59 AM IST
श्रुति गौड़ यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

How Are Tableaux Selected For 26 January Parade Delhi: दिल्ली में होने वाली गणतंत्र की परेड में एक से बढ़कर एक खूबसूरत झांकियां देखने को मिलती हैं। इनका चयन कैसे होता है, आज हम इसी बारे में बात करेंगे। 
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परेड में शामिल होने वाली झांकियों का चयन कैसे होता है? - फोटो : अमर उजाला
Tableaux Selection Process For Republic Day Parade: हर साल 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता की भव्य झलक पेश करती है। इस परेड का सबसे बड़ा आकर्षण होती हैं रंग-बिरंगी और विषयवस्तु से भरपूर झांकियां, जो देश के अलग-अलग राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सरकारी मंत्रालयों की पहचान को दर्शाती हैं।

इन झांकियों के जरिए भारत की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक उपलब्धियां, लोककला, सामाजिक संदेश और विकास की झलक देखने को मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन खूबसूरत झांकियों का चयन कैसे किया जाता है?

दरअसल, इसके पीछे एक लंबी और पारदर्शी प्रक्रिया होती है, जिसमें थीम से लेकर डिजाइन और प्रस्तुति तक हर पहलू को बारीकी से परखा जाता है। आज हम आपको इसी चयन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे, जिससे आप परेड के इस आकर्षण को और बेहतर तरीके से समझ सकें।
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परेड में शामिल होने वाली झांकियों का चयन कैसे होता है? - फोटो : PTI
 गणतंत्र दिवस परेड में झांकियों का चयन कब शुरू होता है ?
 
  • गणतंत्र दिवस परेड के लिए झांकियों का चयन लगभग छह महीने पहले शुरू हो जाता है। 
  • ये एक व्यवस्थित और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसमें थीम से लेकर 3D मॉडल और अंतिम निर्माण तक के सभी चरण शामिल होते हैं।

 
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परेड में शामिल होने वाली झांकियों का चयन कैसे होता है? - फोटो : PTI
सबसे पहले होता है थीम का चयन...
 
  • सबसे पहले रक्षा मंत्रालय हर साल परेड के लिए एक राष्ट्रीय थीम तय करता है, जोकि थीम देशभक्ति, सांस्कृतिक धरोहर, सामाजिक संदेश या विकास को प्रदर्शित कर सकती है।
  • इस साल की थीम है- वंदे मातरम्, जिसको ध्यान में रखते हुए झांकियों का चयन किया गया है।
  • थीम के चयन के बाद एक विशेष समिति गठित की जाती है, जिसमें कला, संस्कृति, संगीत, मूर्तिकला और वास्तुकला के विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
  • समित के चयन के बाद मंत्रालय सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से झांकियों के प्रस्ताव मंगवाता है। 
  • समिति प्रत्येक प्रस्ताव का अध्ययन करती है और राज्यों को थीम आधारित स्केच और ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश देती है। 
  • राज्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्केच और ब्लूप्रिंट भेजने होते हैं, समय बीतने के बाद ब्लूप्रिंट भेजने का कोई मतलब नहीं रहता। 

 

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परेड में शामिल होने वाली झांकियों का चयन कैसे होता है? - फोटो : PTI
स्केच और ब्लूप्रिंट का मूल्यांकन इन सवालों के आधार पर होता है....
 
  • क्या झांकी का आकार और रूप आकर्षक है?
  • क्या हर एंगल से झांकी थीम का स्पष्ट संदेश देती है?
  • जनता और दर्शकों पर इसका क्या प्रभाव होगा?
  • कला, संगीत और कलाकारों का संतुलित उपयोग किया गया है या नहीं।

 
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परेड में शामिल होने वाली झांकियों का चयन कैसे होता है? - फोटो : PTI
कैसे होता है 3D मॉडल का निर्माण और मूल्यांकन
 
  • स्केच फाइनल होने के बाद राज्यों से 3D मॉडल मंगवाए जाते हैं।
  • समिति इन मॉडल का मूल्यांकन करती है कि झांकी का आकार और रूप आकर्षक है या नहीं।
  • इस चरण में हर छोटी डिटेल पर ध्यान दिया जाता है ताकि परेड में झांकी देखने में प्रभावशाली और आकर्षक लगे।

 
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परेड में शामिल होने वाली झांकियों का चयन कैसे होता है? - फोटो : PTI
अंतिम चयन और निर्माण
 
  • 3D मॉडल फाइनल होने के बाद राज्यों द्वारा झांकी निर्माण शुरू किया जाता है। 
  • इस चरण में रंग, रोशनी, मूवमेंट और कलाकारों का समन्वय किया जाता है और सुरक्षा व समय सीमा का ध्यान रखा जाता है।
  • परेड में किस राज्य की झांकी परेड में शामिल होगी और किसकी नहीं, ये निर्णय पूरी तरह प्रस्तुति की गुणवत्ता पर आधारित होता है। 
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