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Ashoka Chakra Color: आखिर अशोक चक्र का रंग नीला ही क्यों होता है? जानिए क्या है इसका महत्व

Wed, 26 Jan 2022 12:39 AM IST
ज्योति मेहरा यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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तिरंगे के बीचो-बीच बने अशोक चक्र का रंग नीला ही क्यों होता है - फोटो : i stock
भारत का राष्ट्रीय ध्वज तीन रंगों का होता है, जिसे तिरंगा भी कहा जाता है। इसमें तीन रंग यानी सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और सबसे नीचे गहरे हरे रंग की पट्टी मौजूद होती है। इसमें केसरिया रंग 'त्याग और बलिदान', सफेद रंग ‘शांति, एकता और सच्चाई‘ वहीं हरा रंग ‘विश्वास और उर्वरता‘ का प्रतीक है। तिरंगे के बीचो-बीच बने नीले रंग के चक्र का भी अपना महत्व होता है, जिसे अशोक चक्र भी कहा जाता है। हम सभी को बचपन से ही इन सभी रंगों और महत्व के बारे में बताया जाता है, लेकिन बड़े होने तक बेहद कम लोग ही इसे याद रख पाते हैं। ऐसे में क्या आपको मालूम है कि अशोक चक्र का रंग नीला ही क्यों होता है और तिरंगे पर इस रंग का महत्व क्या है? आज हम आपको इसके बारे में कई जरूरी बातें बताने जा रहे हैं। तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
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तिरंगे के बीचो-बीच बने अशोक चक्र का रंग नीला ही क्यों होता है - फोटो : i stock
नीले रंग का अशोक चक्र अशोक की राजधानी के सारनाथ में स्थापित शेर के स्तंभ पर बना हुआ है। इसका व्यास तिरंगे के बीच सफेद रंग की पट्टी की चौड़ाई के बराबर होता है, जिसमें 24 तीलियां होती हैं। दरअसल, सम्राट अशोक के बहुत से शिलालेखों पर एक चक्र बना हुआ दिआई देता है, इसे वहीं से लिया गया है।
 
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तिरंगे के बीचो-बीच बने अशोक चक्र का रंग नीला ही क्यों होता है - फोटो : i stock
वहीं इसके रंग के बारे में बात की जाए, तो कहा गया है कि नीला रंग आकाश, महासागर और सार्वभौमिक सत्य को दर्शाता है। यही कारण है कि राष्ट्रीय ध्वज की सफेद पट्टी के बीच में नीले रंग का अशोक चक्र स्थित होता है। वहीं इसमें बनी 24 तीलियां मनुष्य के 24 गुणों को दर्शाती हैं। 

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तिरंगे के बीचो-बीच बने अशोक चक्र का रंग नीला ही क्यों होता है - फोटो : i stock
अशोक चक्र की 24 तीलियों से ही मनुष्य के लिए बनाये गए 24 धर्म मार्ग की तुलना की गई है। इसलिए इन्हें मनुष्य के लिए बनाये गए 24 धर्म मार्ग भी कहा जाता है। साथ ही ये समाज के चहुमुखी विकास के प्रति देशवासियों को उनके अधिकारों व कर्तव्यों के बारे में भी बताती हैं।
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तिरंगे के बीचो-बीच बने अशोक चक्र का रंग नीला ही क्यों होता है - फोटो : i stock
इसके अलावा तिरंगे को लेकर एक और खास बात ये है, कि राष्ट्रीय ध्वज के लिए अशोक चक्र से पहले चरखे को चुना गया था। लेकिन जब राष्ट्र ध्वज के निर्माताओं ने इसका अंतिम रूप तैयार किया, तो झंडे के बीच में चरखे को हटाकर इस अशोक चक्र को स्थापित किया गया। जिसके बाद 22 जुलाई 1947 के दिन संविधान सभा ने इस तिरंगे को देश के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था।
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