होम लोन घर खरीदने की सबसे बड़ी जरूरत है। होम लोन लेते समय कई तरह के डॉक्यूमेंटेशन की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। इससे बैंक यह पता करने की कोशिश करता है कि लोन लेने के बाद व्यक्ति उसे अदा कर सकता है या नहीं। सभी कागजात और व्यक्ति का सिबिल स्कोर देखने के बाद ही उसे होम लोन दिया जाता है। गौर करने वाली बात है कि नौकरीपेशा लोगों को लोन आसानी से मिल जाता है। बीते सालों में शहरों में फ्लैट कल्चर काफी बढ़ा है। इस कारण होम लोन लेने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि देखने को मिली है। वहीं कोरोना महामारी और रूस यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में महंगाई की रफ्तार काफी बढ़ी हैै। बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई द्वारा कई बार रेपो रेट को बढ़ाया गया है। इस कारण पर्सनल और होम लोन की ब्याज दरों में भी काफी वृद्धि हुई है।