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Co- Operative Bank: RBI ने देश के इस बैंक पर लगाया प्रतिबंध, आखिर क्या होगा खाते में जमा आपके पैसों का?

Fri, 14 Feb 2025 01:39 PM IST
प्रकाश चंद जोशी यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मुंबई स्थित न्यू इंडिया को-ऑपेरेटिव बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक पर अगले 6 महीने तक पाबंदियां लगा दी है। ऐसे में खाताधारकों के जो मन में अपने पैसे को लेकर जो सवाल चल रहे हैं उनके जवाब आप यहां जान सकते हैं।
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आरबीआई ने मुंबई के को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया बैन - फोटो : Amar Ujala
RBI Action On Co-Operative Bank: लोग जो भी मेहनत की कमाई कमाते हैं उसे बैंक खाते में जमा करके रखते हैं ताकि भविष्य में या जरूरत पड़ने पर इस पैसे को इस्तेमाल किया जा सके। पर जिस तरह की खबर आज मुंबई से आई उसने हर किसी को ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि बैंक में रखा उनका पैसा कितना सुरक्षित है? दरअसल, न्यू इंडिया को-ऑपेरेटिव बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक ने अगले 6 महीने तक पाबंदियां लगा दी है।

ये कार्रवाई मुंबई स्थित बैंक पर की गई है जिसके तहत 13 फरवरी से अगले 6 महीने तक बैंक किसी भी तरह का लेन-देन नहीं कर पाएगा। साथ ही खाताधारक भी न अपने खाते से पैसे निकाल पाएंगे और न ही पैसे जमा कर पाएंगे। ऐसे में ग्राहकों को खाते में जमा अपने पैसे की चिंता करना लाजमी है। तो चलिए जानते हैं ऐसे में आपके पैसे का क्या होता है? क्या ये आपको मिलता है या नहीं? आगे आप इस बारे में विस्तार से जान सकते हैं...
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आरबीआई ने मुंबई के को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया बैन - फोटो : Adobe Stock
पहले मामला समझिए
  • दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक सभी बैंकों को मॉनिटर करता है और जिस बैंक की वित्तीय हालात खराब हो जाती है उस पर इस तरह की कार्रवाई की जाती है जैसे, न्यू इंडिया को-ऑपेरेटिव बैंक पर की गई है। इस बैंक के वित्तीय हालात खराब होने के कारण आरबीआई ने इस बैंक पर अगले 6 महीने का बैन लगाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक को लगातार दो साल से नुकसान झेलना पड़ रहा था। आलम ये था कि मार्च 2024 में 22.78 करोड़ और वर्ष 2023 में 30.75 करोड़ रुपेय का घाटा बैंक को झेलना पड़ा।
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आरबीआई ने मुंबई के को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया बैन - फोटो : Adobe Stock
क्या-क्या पाबंदियां लगी हैं?
  • अगर आपका बैंक खाता भी न्यू इंडिया को-ऑपेरेटिव बैंक में है तो जान लें कि अगले 6 महीने तक आप बैंक के साथ किसी भी तरह का लेन-देन नहीं कर पाएंगे
  • खाताधारक अपने बैंक खाते से पैसे नहीं निकाल सकेंगे और बैंक नए डिपॉजिट स्वीकार नहीं कर पाएगा
  • आपका चाहे सेविंग, करंट या किसी भी तरह का इस बैंक में खाता है, तब भी आप अपने खाते से पैसे नहीं निकाल पाएंगे

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आरबीआई ने मुंबई के को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया बैन - फोटो : Adobe Stock
  • बैंक किसी भी ग्राहक को कोई नया लोन नहीं दे पाएगा
  • पुराने लोन को भी रिन्यू नहीं किया जा सकेगा
  • बैंक में आप कोई एफडी या डिपॉजिट स्कीम नहीं खोल पाएंगे
  • बैंक अपनी संपत्ति बेचकर पैसे जुटाने का कोई भी फैसला नहीं ले सकता है।
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आरबीआई ने मुंबई के को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया बैन - फोटो : PTI
क्या आगे भी जारी रह सकता है बैन?
  • बात अगर मौजूदा समय की करें तो भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक पर इसलिए अगले 6 महीनों का बैन लगाया है ताकि, बैंक पर और ज्यादा वित्तीय दबाव न पड़े और खाताधारकों के पैसे को सुरक्षित रखा जा सके। यहां ये भी जान लें कि आरबीआई की तरफ से ये साफ किया गया है कि अभी बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है और इस स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। वहीं, आरबीआई की तरफ से ये भी कहा गया है कि अगर बैंक के हालात अगले 6 महीनों में नहीं सुधरते हैं तो इस बैन को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
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आरबीआई ने मुंबई के को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया बैन - फोटो : Adobe Stock
अब जानते हैं क्या होगा आपके पैसे का?
  • अगर आपका बैंक खाता भी इस न्यू इंडिया को-ऑपेरेटिव बैंक में है तो सबसे पहले ये जान लें कि भारतीय रिजर्व बैंक हमेशा ये कोशिश करता है कि बैंक को डूबने से बचाया जा सके जिससे ग्राहकों के पैसे को सुरक्षित रखा जा सके। इसके लिए बैंक पर पहले बैन लगाकर उसकी आर्थिक स्थिति को बेहतर किया जाता है। वहीं, अगर जरूरत पड़ती है तो बैंक को किसी दूसरे बैंक के साथ मर्ज करके भी ग्राहकों के पैसे को सुरक्षित रखा जाता है।
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आरबीआई ने मुंबई के को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया बैन - फोटो : Adobe Stock
ये होता है आखिरी रास्ता
  • अगर किसी कारण बैंक की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं हो पाती है और ये डूब जाता है तो फिर खाताधारकों को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन यानी डीआईसीजीसी के अंतर्गत 5 लाख रुपये की बीमा राशि दी जाती है। इसे आप ऐसे समझिए कि आपके खाते में अगर 5 लाख रुपये से भी ज्यादा पैसे जमा हैं, तब भी आपको अधिकतम राशि 5 लाख रुपये ही वापस मिलेंगे। हालांकि, आरबीआई बैंक की ऐसी स्थिति आने से पहले कोई न कोई समाधान निकाल ही लेती है।
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