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Waiting Ticket: PQWL और TQWL में क्या है अंतर? जानें कौन सी वेटिंग पहले कंफर्म होती है?

Mon, 25 May 2026 07:50 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Difference Between PQWL and TQWL: अक्सर लोग जब रेलवे में टिकट कराते हैं उनका सामान GNWL, PQWL और TQWL इन चीजों से होता है। असल में वेटिंग के प्रकार हैं। आइए इस लेख में इसी तीनों वेटिंग को सरल करके समझते हैं। 
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GNWL, PQWL और TQWL में क्या अंतर है? - फोटो : AI
Which Waiting List Clears First: भारतीय रेलवे से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों को अक्सर ट्रेन टिकट बुक करते समय कई तरह की वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ता है। आम इंसान अक्सर जीएनडब्ल्यूएल , पीक्यूडब्ल्यूएल और टीक्यूडब्ल्यूएल जैसे शॉर्ट कोड देखकर उलझन में पड़ जाता है। जब टिकट कंफर्म नहीं होता, तो सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इन अलग-अलग वेटिंग का मतलब क्या है और चार्ट बनते समय कौन सी टिकट पहले कंफर्म होगी? 

इनमें से पीक्यूडब्ल्यूएल और टीक्यूडब्ल्यूएल दो ऐसी वेटिंग लिस्ट हैं जिनके नियम काफी कड़े होते हैं। रेलवे की प्राथमिकता सूची में जनरल वेटिंग सबसे पहले, उसके बाद तत्काल वेटिंग और सबसे अंत में पूल कोटा वेटिंग को क्लियर किया जाता है। आइए इस लेख में इसे आसान शब्दों में समझते हैं ताकि अगली बार आप सही टिकट चुन सकें।
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क्या होती है PQWL (पूल कोटा वेटिंग लिस्ट)? - फोटो : Amar Ujala
क्या होती है PQWL (पूल कोटा वेटिंग लिस्ट)?
  • इसका पूरा नाम 'Pooled Quota Waiting List' है। यह वेटिंग तब मिलती है जब आप ट्रेन के चलने वाले स्टेशन से किसी बीच के स्टेशन के लिए, या दो बीच के स्टेशनों के बीच यात्रा करते हैं।
  • इस वेटिंग लिस्ट के कंफर्म होने की संभावना बहुत कम होती है, क्योंकि इसे तभी क्लियर किया जाता है जब कोई उसी कोटे का यात्री अपना टिकट कैंसिल कराता है।
  • इस कोटे के तहत पूरी ट्रेन में बहुत कम सीटें आवंटित (पूल) की जाती हैं, जो कई छोटे स्टेशनों के यात्रियों के बीच बंटी होती हैं।
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क्या होती है TQWL (तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट)? - फोटो : AdobeStock
क्या होती है TQWL (तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट)?
  • इसका पूरा नाम 'Tatkal Quota Waiting List' है। जब आप यात्रा से एक दिन पहले तत्काल कोटा के तहत टिकट बुक करते हैं और वह कंफर्म नहीं होती, तो आपको TQWL मिलता है।
  • ध्यान रखें कि यदि तत्काल की वेटिंग लिस्ट चार्ट बनने तक कंफर्म नहीं होती, तो यह अपने आप कैंसिल हो जाती है और पैसे वापस आ जाते हैं।
  • अगर यह आंशिक रूप से कंफर्म (आरएसी) रह जाती है, तो यात्रा न करने की स्थिति में आपको खुद ऑनलाइन टीडीआर दाखिल करना पड़ता है, वरना पैसे डूब जाते हैं।

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दोनों में से कौन सी वेटिंग पहले कंफर्म होती है? - फोटो : Adobe Stock
दोनों में से कौन सी वेटिंग पहले कंफर्म होती है?
  • रेलवे के नियमों के अनुसार, चार्ट बनते समय पीक्यूडब्ल्यूएल की तुलना में टीक्यूडब्ल्यूएल के कंफर्म होने की संभावना थोड़ी ज्यादा होती है।
  • तत्काल टिकट महंगे होते हैं, इसलिए लोग इन्हें बहुत कम कैंसिल कराते हैं। अगर तत्काल कोटे में कोई कैंसिलेशन होता है, तो टीक्यूडब्ल्यूएल सीधे कंफर्म सीट में बदल जाती है।
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टिकट बुक करते समय यात्रियों के लिए जरूरी टिप्स - फोटो : Adobe Stock
टिकट बुक करते समय यात्रियों के लिए जरूरी टिप्स
  • अगर संभव हो, तो हमेशा ऐसी टिकट बुक करने की कोशिश करें जिसमें GNWL मिल रहा हो, क्योंकि इसके कंफर्म होने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं।
  • फॉर्म भरते समय 'ऑटो-अपग्रेडेशन' के विकल्प पर टिक जरूर करें, जिससे अगर ऊपर की श्रेणी (जैसे स्लीपर से थर्ड एसी) में सीट खाली होगी, तो आपकी वेटिंग अपने आप कंफर्म हो जाएगी।
  • पीक्यूडब्ल्यूएल टिकट में अगर वेटिंग नंबर 10 से ज्यादा है, तो त्योहारों या छुट्टियों के दिनों में इसके कंफर्म होने की उम्मीद न के बराबर होती है।
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