फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम किसान में क्या होता है लैंड सीडिंग? जानें किस्त न मिलने से इसका क्या है सीधा संबंध

Fri, 04 Sep 2026 09:37 AM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PM Kisan Installment: पीएम किसान के आवेदन के समय लैंड सीडिंग एक बेहद जरूरी कागजी प्रक्रिया है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं लैंड सीडिंग न होने पर क्या परेशानी हो सकती है।
विज्ञापन
1 of 5
पीएम किसान - फोटो : AI
PM Kisan Land Seeding: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी पीएम किसान के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। यह पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। मगर किस्त पाने के लिए सिर्फ PM-KISAN में रजिस्ट्रेशन होना ही पर्याप्त नहीं है।

किसान की जमीन से जुड़ी जानकारी भी सरकारी रिकॉर्ड में सही और सत्यापित होना जरूरी है। इसी प्रक्रिया को आमतौर पर लैंड सीडिंग कहा जाता है। ऐसे में अगर किसी किसान के स्टेटस में लैंड सीडिंग से जुड़ी दिक्कत दिख रही है, तो उसकी किस्त प्रभावित हो सकती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
PM Kisan Yojana - फोटो : AdobeStock
लैंड सीडिंग क्या है?
  • लैंड सीडिंग का आसान मतलब है किसान की जमीन की जानकारी को पीएम किसान के रिकॉर्ड से जोड़ना और उसका सत्यापन करना। 
  • पीएम किसान में लाभ उन्हीं लैंडहोल्डिंग किसान परिवारों को मिलता है जिनकी पात्रता राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के आधार पर तय होती है।
  • इसलिए जमीन का रिकॉर्ड सही होना और किसान के नाम से संबंधित जानकारी का सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन

3 of 5
PM Kisan Yojana - फोटो : AdobeStock
किस्त से इसका क्या संबंध है?
  • पीएम किसान की किस्त सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
  • इसलिए लाभ पाने के लिए किसान की पात्रता और जरूरी रिकॉर्ड का सत्यापन होना जरूरी है।
  • अगर जमीन से जुड़ी जानकारी में समस्या है या किसान की पात्रता का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, तो भुगतान में दिक्कत आ सकती है।

4 of 5
PM Kisan Yojana - फोटो : AdobeStock
लैंड सीडिंग में दिक्कत हो तो क्या करें?
  • अगर पीएम-किसान के स्टेटस में जमीन से जुड़ी जानकारी में समस्या दिखाई दे रही है, तो किसान को सबसे पहले अपने राज्य के भूमि रिकॉर्ड में अपना नाम और जमीन की जानकारी जांचनी चाहिए।
  • जरूरत पड़ने पर संबंधित राजस्व विभाग या राज्य सरकार की निर्धारित व्यवस्था के जरिए रिकॉर्ड में सुधार कराया जा सकता है।
  • पीएम-किसान की वेबसाइट पर नो योर स्टेट्स सुविधा से भुगतान और ई-केवाईसी से जुड़ी जानकारी भी देखी जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सिर्फ लैंड सीडिंग ही क्यों नहीं है पर्याप्त? - फोटो : Adobe Stock
सिर्फ लैंड सीडिंग ही क्यों नहीं है पर्याप्त?
  • ये बात समझना जरूरी है कि किसान को पीएम-किसान की किस्त मिलने के लिए सिर्फ जमीन का रिकॉर्ड सही होना पर्याप्त नहीं है।
  • वर्तमान में पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ई-केवाईसी अनिवार्य है।
  • इसके अलावा पात्रता और बैंक खाते से जुड़े विवरण भी सही होना जरूरी है।
  • इसलिए अगर किस्त अटकी है, तो किसान को लैंड सीडिंग के साथ ई-केवाईसी और पेमेंट स्टेट्स भी जांचना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें