Salary Discussion in Office Rules:आज के समय में वर्कप्लेस कल्चर और सैलरी को लेकर पारदर्शिता पर काफी बहस होती है। अक्सर लंच ब्रेक या बातचीत के दौरान हमारे मन में यह सवाल आता है कि हमारे साथ काम करने वाले कलीग की सैलरी कितनी होगी। कानूनी तौर पर देखा जाए तो भारत में अपने सहकर्मी से उसकी सैलरी पूछना कोई 'जुर्म' या आपराधिक मामला नहीं है।
हालांकि प्रोफेशनल फिल्ड में इसे एक संवेदनशील मुद्दा माना जाता है। ज्यादातर मामलों में यह कानूनी नहीं बल्कि कॉर्पोरेट अनुशासन और कंपनी के साथ आपके द्वारा साइंन्ड कॉनट्रैक्ट से जुड़ा मामला होता है, जिसकी अनदेखी आपको भारी पड़ सकती है।