फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

New Labour Code: बढ़ जाएगी अब आपकी रिटायरमेंट सेविंग, लेकिन क्या कम हो जाएगी इन-हैंड सैलरी?

Wed, 13 May 2026 05:19 PM IST
Sankalp Prakash Singh यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

New Labour Code Rules: देश में नए लेबर कोड लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी, काम के घंटे और पीएफ जैसे नियमों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। 
विज्ञापन
1 of 5
New Labour Code - फोटो : AI Generated
New labour laws in india 2026: भारत में श्रम कानूनों को आसान और आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने चार नए लेबर कोड तैयार किए हैं। इन नए नियमों का असर निजी कंपनियों से लेकर फैक्ट्रियों और संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के ऊपर पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना और कंपनियों के लिए नियमों को सरल बनाना है। नए लेबर कोड से जुड़े जो नियम थे उन्हें नोटिफाई कर दिया गया है। इन नियमों से कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर,  वर्कप्लेस प्रोसेस और कंप्लायंस सिस्टम में बदलाव आ सकता है। 
विज्ञापन

2 of 5
document new - फोटो : Adobe Stock

नए लेबर कोड में काम के घंटों को लेकर क्या बदलाव हुआ है?

  • नए लेबर कोड के तहत कर्मचारियों के काम करने के समय को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है।
  • नियमों के अनुसार कुल कार्य अवधि सप्ताह में 48 घंटे से अधिक नहीं होगी।
  • इसके अंतर्गत कर्मचारी को एक दिन में अधिकतम 12 घंटे और हफ्ते में 48 घंटे काम करना होगा।
  • कंपनियां चाहें तो कर्मचारियों से रोज अधिक घंटे काम लेकर सप्ताह में चार दिन की शिफ्ट लागू कर सकती हैं।
  • ऐसे में कर्मचारियों को लगातार तीन दिन का अवकाश मिल सकता है।
विज्ञापन

3 of 5
document computer - फोटो : Adobe Stock

नए लेबर कोड से सैलरी स्ट्रक्चर में क्या बदलाव होगा?

  • वेतन संरचना में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
  • नए नियमों के अनुसार बेसिक सैलरी को कुल वेतन का कम से कम आधा रखना जरूरी होगा।
  • इसका सीधा असर पीएफ और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं पर देखने को मिलेगा।
  • इसका बड़ा कारण यह है कि इनकी गणना बेसिक पे के आधार पर होती है।
  • इस बदलाव से कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग बढ़ सकती है।
  • वहीं इनहैंड सैलरी पहले के मुकाबले कम हो सकती है।

4 of 5
document new - फोटो : Adobe Stock

नए लेबर कोड से PF योगदान पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

  • सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पीएफ और ग्रेच्युटी से जुड़े प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है।
  • आपको बता दें कि पीएफ का कैलकुलेशन अब ज्यादा बेसिक वेतन पर होगा।
  • इससे कर्मचारियों और कंपनी दोनों का पीएफ योगदान बढ़ेगा। इससे रिटायरमेंट की सेविंग में इजाफा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
rupees new - फोटो : Adobe Stock

फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी कब मिलेगी और न्यूनतम वेतन पर क्या नियम है?

  • आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी दी जाएगी।
  • हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए एक साल की नौकरी करनी जरूरी होगी।
  • वहीं रेगुलर कर्मचारियों को 5 साल पर ग्रेच्युटी मिलेगी।
  • इन सब के अलावा कंपनियों के लिए न्यूनतम वेतन देना अनिवार्य होगा और समान काम के लिए पुरुष एवं महिला कर्मचारियों को बराबर वेतन देना पड़ेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें