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Labour Code: नए लेबर कोड के तहत क्या हैं मजदूरों के अधिकार? ओवरटाइम और 12 घंटे की शिफ्ट पर क्या कहता है कानून

Tue, 14 Apr 2026 06:23 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Worker Rights In Noida Protest: नोएडा में इन दिनों मजदूरों का प्रदर्शन काफी चर्चा में है। ऐसे में सभी लोगों को नए लेबर लॉ के बारे में जरूर जानना चाहिए। इस नए लेबर लॉ में मजदूरों के विरोध के अधिकारों के बारे में भी बताया गया है।
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नए लेबर लॉ 2026 - फोटो : Amar Ujala
New Labour Code India : भारत सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 को घोषित किए गए नए श्रम कानून अब 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो चुके हैं। इस नए लेबर कोड ने देश के करोड़ों मजदूरों और कामकाजी वर्ग के लिए नियमों को काफी हद तक बदल दिया है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल बनाना और श्रमिकों के अधिकारों को आधुनिक वर्क कल्चर के अनुरूप ढालना है। नए नियमों में सबसे ज्यादा चर्चा 12 घंटे की शिफ्ट और काम के दिनों को लेकर हो रही है।

जहां एक ओर इसे लचीलापन बढ़ाने वाला कदम बताया जा रहा है, वहीं मजदूरों के मन में अपने ओवरटाइम और आराम के समय को लेकर कई सवाल हैं। नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे हालिया विरोध प्रदर्शनों के बीच इन कानूनों की जानकारी होना हर कर्मचारी के लिए बेहद जरूरी है। नए कोड में सामाजिक सुरक्षा, वेतन की परिभाषा और काम करने की स्थितियों को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं ताकि किसी भी मजदूर का शोषण न हो सके। आइए इस लेख में समझते हैं कि नए कानून के अनुसार आपके काम के घंटे, ओवरटाइम की कमाई और छुट्टियों का क्या गणित रहने वाला है।
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नए लेबर लॉ 2026 - फोटो : Adobe Stock
काम के घंटे और 12 घंटे की शिफ्ट का समीकरण
  • नए नियमों के अनुसार काम के घंटों में बदलाव का विकल्प दिया गया है।
  • कंपनियां 12 घंटे की शिफ्ट लागू कर सकती हैं, लेकिन सप्ताह में सिर्फ 48 घंटे काम करने का नियम बरकरार रहेगा।
  • अगर कोई कर्मचारी दिन में 12 घंटे काम करता है, तो उसे सप्ताह में अनिवार्य रूप से 3 दिन की छुट्टी देनी होगी।
  • लगातार 5 घंटे काम करने के बाद कर्मचारी को आधे घंटे का विश्राम मिलना अब कानूनी रूप से अनिवार्य है।
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नए लेबर लॉ 2026 - फोटो : Adobe Stock
ओवरटाइम और कमाई के नए नियम
  • ओवरटाइम करने वाले मजदूरों के लिए नए कोड में कुछ बड़े फायदे जोड़े गए हैं।
  • 15 मिनट से ज्यादा का अतिरिक्त काम अब 'ओवरटाइम' माना जाएगा, जिसके लिए कंपनी को सामान्य वेतन से दोगुना भुगतान करना होगा।
  • अब 'बेसिक सैलरी' कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% होनी चाहिए, जिससे रिटायरमेंट के समय मिलने वाले पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी की राशि बढ़ जाएगी।
  • कंपनियों को महीने के अंत के सात दिनों के भीतर वेतन का भुगतान हर हाल में करना होगा।

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नए लेबर लॉ 2026 - फोटो : Adobe Stock
छुट्टियों और सामाजिक सुरक्षा के अधिकार
  • कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और छुट्टियों को लेकर कानून अब और भी सख्त हो गया है।
  • अब 240 के बजाय केवल 180 दिन काम करने पर ही मजदूर 'पेड लीव' के हकदार हो जाएंगे।
  • पहली बार जोमैटो, स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले अस्थाई कर्मचारियों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।
  • नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और उनकी लिखित सहमति को अनिवार्य कर दिया गया है।
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नए लेबर लॉ 2026 - फोटो : Adobe Stock
शिकायत और समाधान का रास्ता
  • अगर कोई कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करती है, तो मजदूरों के पास कानूनी रास्ते खुले हैं।
  • विवादों के निपटारे के लिए अब लंबी अदालती कार्रवाई के बजाय लेबर ट्रिब्यूनल के माध्यम से 45 दिनों में फैसला सुनाया जाएगा।
  • हर मजदूर को अपनी कंपनी की एचआर पॉलिसी और नए लेबर कोड की कॉपी मांगनी चाहिए ताकि वह अपने अधिकारों की रक्षा कर सके।
  • नए नियमों में भी मजदूरों को यह हक दिया गया है कि वे बिना किसी हिंसा के अपना विरोध जता सकें और अपनी मांगों के लिए एकजुट होकर आवाज उठा सकें।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह जानकारी नए लेबर कोड के सामान्य प्रावधानों पर आधारित है। विभिन्न राज्यों में नियमों में थोड़े बदलाव हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय श्रम विभाग की वेबसाइट जरूर चेक करें।
 
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