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LPG Gas: क्या है LPG? कैसे बनती है यह गैस और क्या है ईरान संकट से इसका कनेक्शन

Tue, 10 Mar 2026 03:31 PM IST
Sankalp Prakash Singh यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ऊर्जा बाजार फिर चर्चा में है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी खींचतान का असर तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर पड़ सकता है, जिसमें एलपीजी भी शामिल है।

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How LPG Gas Made - फोटो : Adobestock
वर्तमान समय में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। आपको इस बारे में पता होना चाहिए कि मध्य पूर्व में किसी भी तरह का टकराव वैश्विक तेल और गैस बाजार को सीधे तौर पर प्रभावित करने का काम करता है। इसका सीधा असर एलपीजी जैसी रोजमर्रा की जरूरत वाली गैस पर भी पड़ रहा है। बीते 7 मार्च को एलपीजी गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई। भारत समेत कई देशों में करोड़ों घरों में भोजन बनाने के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर उपयोग में आता है। इस कारण इसकी सप्लाई और कीमतें अंतरराष्ट्रीय हालात से जुड़ी रहती हैं। अगर वैश्विक स्थिति में जरा भी हलचल या तनाव होता है तो इस स्थिति में इसका सीधा असर एलपीजी गैस पर भी देखने को मिलता है। आइए जानते हैं कि एलपीजी गैस कैसे बनती है और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध ईरान का संबंध इससे क्या है?
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LPG Gas - फोटो : Adobe Stock

कैसे बनती है एलपीजी गैस?

एलपीजी दो गैसों से मिलकर बनती है। इनमें प्रोपेन और ब्यूटेन शामिल हैं। इन गैसें को कच्चे तेल की रिफाइनिंग और प्राकृतिक गैस के प्रसंस्करण के दौरान अलग किया जाता है। क्रूड ऑयल को जब रिफाइनरी में प्रोसेस किया जाता है उस दौरान कई तरह के ईंधन और गैसें निकलती हैं। इन्हीं गैसों में से प्रोपेन और ब्यूटेन को अलग करके उच्च दबाव में तरल रूप में बदल दिया जाता है। इसे ही एलपीजी कहा जाता है। 
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LPG Gas - फोटो : Freepik
तरल रूप में होने के कारण से इसे सिलेंडर या टैंकर में आसानी से रखकर ट्रांसफोर्ट किया जा सकता है। आपको इस बारे में पता होना चाहिए कि भारत में एलपीजी की बड़ी मात्रा घरेलू रिफाइनरियों में तैयार की जाती है। हालांकि, देश में बढ़ती मांग के कारण इसका एक बड़ा हिस्सा आयात भी करना पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कई देश एलपीजी के बड़े उत्पादक हैं। इनमें मध्य पूर्व के देश अहम भूमिका निभा रहे हैं। 

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गैस सिलेंडर का एक्सपायरी डेट - फोटो : Adobe Stock
ईरान की गिनती दुनिया के बड़े तेल और गैस भंडार वाले देशों में की जाती है। ईरान में प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के विशाल भंडार मौजूद हैं। इनसे बड़ी मात्रा में एलपीजी भी तैयार की जाती है। वहीं बीते लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण ईरान की ऊर्जा सप्लाई कई बार प्रभावित होती रही है। 
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गैस सिलेंडर का एक्सपायरी डेट - फोटो : Adobe Stock
इन सब के बाद भी वैश्विक ऊर्जा बाजार में ईरान की मौजूदगी को नजरअंदाज करना मुश्किल काम है। ईरान के तेल और प्राकृतिक संसाधन संसाधन दुनिया के ऊर्जा संतुलन को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले समय में एलपीजी गैस की मांग और बढ़ सकती है। भारत सरकार देश में उज्ज्वला योजना का संचालन कर रही है। इस कारण देश में एलपीजी गैस का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इस कारण वैश्विक उत्पादन, आयात व्यवस्था और ऊर्जा बाजार की स्थिति एलपीजी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार असर डालती रहती है।
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