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LPG Crisis in India: तो क्या LPG संकट में इंटरनेट भी होगा स्लो? जानें क्या है इसका कनेक्शन

Wed, 11 Mar 2026 04:47 PM IST
Shruti Gaur यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

LPG Connection In Mobile Tower Construction: मिडिल ईस्ट तनाव का असर अब भारत में देखने को मिल रहा है। ऐसे में देशभर में LPG को लेकर मारामारी दिख रही है। क्या इसका असर मोबाइल नेटवर्क पर होगा, यहां हम इसकी जानकारी देंगे। 
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तो क्या LPG संकट में इंटरनेट भी होगा स्लो? - फोटो : अमर उजाला
LPG Crisis Impact on Telecom Network: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और वैश्विक सप्लाई चेन में आई कठिनाइयों का असर अब भारत में भी महसूस किया जा रहा है। देश में LPG की कमी अब सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं रह गई है। अब टेलीकॉम सेक्टर पर भी इसका असर दिखने लगा है।

दरअसल, यदि गैस की किल्लत ऐसे ही बनी रही है, तो मोबाइल टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों पर असर पड़ेगा। इसका सीधा प्रभाव मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर भी पड़ सकता है। 

आम लोगों के लिए यह जानना हैरान करने वाला हो सकता है कि कैसे रसोई की गैस और डिजिटल सेवाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और इसका सीधा आप पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
 
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तो क्या LPG संकट में इंटरनेट भी होगा स्लो? - फोटो : Adobe Stock
सरकार ने कब से रोक दी आपूर्ति?

हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय ने आदेश दिया है कि फिलहाल सरकारी कंपनियां केवल घरेलू ग्राहकों को घरों में इस्तेमाल होने वाली LPG गैस ही उपलब्ध कराएं। इसके चलते 5 मार्च 2026 से मोबाइल टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों को गैस की सप्लाई रोक दी गई। जिसके बाद से टेलीकॉम टावर मैन्यूफैक्चरिंग ने चेतावनी जारी कर दी है।

 
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तो क्या LPG संकट में इंटरनेट भी होगा स्लो? - फोटो : FREEPIK
टेलीकॉम टावर मैन्यूफैक्चरिंग ने क्या कहा?

टेलीकॉम टावर बनाने वाली कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि गैस की आपूर्ति बाधित रहने पर टावर निर्माण धीमा हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप नेटवर्क विस्तार और इंटरनेट सेवाओं में देरी या बाधा आने की संभावना है। 

 

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तो क्या LPG संकट में इंटरनेट भी होगा स्लो? - फोटो : ANI
एलपीजी का टेलीकॉम सेक्टर में क्या उपयोग है?

रिपोर्ट्स की मानें तो मोबाइल टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों में स्टील और लोहे की जंग से सुरक्षा के लिए गैल्वेनाइजेशन प्रक्रिया की जाती है। इस प्रक्रिया में भारी मात्रा में LPG या LNG की जरूरत होती है। ऐसे में जब गैस की सप्लाई बंद रहेगी तो बिना पर्याप्त गैस के टावर निर्माण में देरी होगी।

 
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तो क्या LPG संकट में इंटरनेट भी होगा स्लो? - फोटो : Adobe Stock
गैल्वेनाइजेशन क्या है?

गैल्वेनाइजेशन एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें लोहे या स्टील के टावर पर जिंक की सुरक्षा परत चढ़ाई जाती है। इससे टावर जंग और नमी से बचता है और लंबे समय के लिए मजबूत रहता है।

 
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तो क्या LPG संकट में इंटरनेट भी होगा स्लो? - फोटो : Adobe Stock
एलपीजी बंद होने से क्या होगा?

इन सभी चीजों को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि LPG संकट के चलते टावर निर्माण में देरी होने की संभावना है। इससे दूरदराज और नए क्षेत्रों में नेटवर्क कवरेज प्रभावित हो सकता है, और 5G विस्तार या डिजिटल सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। यदि स्थिति लंबी चली, तो टेलीकॉम ऑपरेटरों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। फैक्ट्रियों में गैस की कमी लंबे समय तक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेट सेवाओं के विस्तार में रुकावट ला सकती है।
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