Kangra Valley Toy Train: हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों का दीदार कराने वाली ऐतिहासिक कांगड़ा घाटी टॉय ट्रेन एक बार फिर शुरु कर दिया गया है। इस धरोहर का सफर साल 1929 में शुरू हुआ था, जो समय-समय पर कुछ कारणों से रोकना पड़ता है। यह ट्रेन पंजाब के पठानकोट से रवाना होकर हिमाचल के जोगिंदरनगर तक का सफर तय करती है। लगभग 164 किलोमीटर लंबा यह ट्रैक भारत का सबसे लंबा नैरो-गेज रेलवे रूट है, जिसे इसकी बेमिसाल खूबसूरती के कारण यूनेस्को की अस्थायी धरोहर सूची में भी शामिल किया गया है।
सफर के दौरान यह ट्रेन बर्फ से ढकी धौलाधार पर्वत शृखलाओं और हरे-भरे खेतों के बीच से गुजरती है, जो किसी का भी मन मोह लेती है। हालांकि, प्राकृतिक आपदाओं और पुलों की मरम्मत (जैसे चक्की ब्रिज) के चलते वर्तमान में पूरी लाइन पर सेवा आंशिक रूप से प्रभावित है, लेकिन घाटी के कुछ हिस्सों में यह ट्रेन आज भी सुचारू रूप से चल रही है।