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Fraud Alert: सरकारी नौकरी के नाम पर आने वाले फर्जी जॉइनिंग लेटर की कैसे करें पहचान? यहां जानें

Sun, 14 Jun 2026 02:13 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Online Job Scam Alert: आज के समय में सरकारी नौकरी पाना हर युवा का सपना होता है, ठग इसी सपने का फायदा उठाकर  बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बना रहे हैं। इन दिनों नौकरी के ऑफर लेटर के नाम पर कई फ्रॉड देखने को मिल रहे हैं, आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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सरकारी नौकरी के नाम पर ठगों ने फ्रॉड करने का निकाला तरीका - फोटो : AI
Fake Government Job Letter: सरकारी नौकरी सिर्फ एक आजीविका नहीं, बल्कि हमारे समाज में मान-सम्मान, स्थिरता और सुरक्षित भविष्य का पर्याय माना जाता है। यही वजह है कि देश का हर युवा वर्षों तक दिन-रात मेहनत करके इस मुकाम को हासिल करना चाहता है। मगर दुर्भाग्य से, युवाओं के इसी भरोसे और भावनाओं का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने धोखाधड़ी का एक नया तरकीब निकाला है।

आजकल बाजार में रेलवे, रक्षा या बैंकिंग जैसे प्रतिष्ठित सरकारी विभागों के नाम पर हूबहू असली दिखने वाले फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजने का स्कैम तेजी से बढ़ रहा है। ठग नकली मुहर और फर्जी दस्तखत के जरिए युवाओं को जाल में फंसा रहे हैं और मेडिकल या सिक्योरिटी फीस के नाम पर मोटी रकम वसूल लेते हैं। अगर आपको या आपके किसी परिचित को ऐसा कोई पत्र मिला है, तो बिना जांचे पैसे देने की भूल कतई न करें। आइए इस लेख में समझते हैं कि असली और नकली सरकारी जॉइनिंग लेटर की पहचान कैसे की जाती है।
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आधिकारिक वेबसाइट और यूआरएल की जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
आधिकारिक वेबसाइट और यूआरएल की जांच
  • असली सरकारी लेटर में हमेशा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का पता दिया होता है, जिसके अंत में '.gov.in' या '.nic.in' होता है।
  • इतना ही नहीं, नकली पत्रों में अक्सर कोई ऐसा क्यूआर कोड या वेरिफिकेशन लिंक नहीं होता जिससे उसकी सत्यता जांची जा सके।
  • अगर जॉइनिंग लेटर किसी जीमेल (@gmail.com) या याहू (@yahoo.com) जैसी प्राइवेट ईमेल आईडी से आया है, तो वह पूरी तरह फर्जी हो सकता है।
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भाषा की गलतियां और बनावट पर ध्यान दें - फोटो : Adobe Stock
भाषा की गलतियां और बनावट पर ध्यान दें
  • जालसाजों द्वारा बनाए गए फर्जी लेटर में अक्सर अंग्रेजी या हिंदी की कई व्याकरण और स्पेलिंग की गलतियां होती हैं।
  • इन पत्रों पर किसी असली अधिकारी के बजाय किसी काल्पनिक पद या बिना नाम के केवल डिजिटल हस्ताक्षर बने होते हैं।
  • इसके साथ ही नकली लेटर पर सरकारी मंत्रालयों के जो लोगो या मुहर छपे होते हैं, वे इंटरनेट से डाउनलोड किए गए और धुंधले होते हैं।

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पैसों की मांग और सुरक्षा राशि - फोटो : AdobeStock
पैसों की मांग और सुरक्षा राशि
  • कोई भी सरकारी विभाग नौकरी देने या जॉइनिंग लेटर जारी करने के बदले किसी भी तरह की 'सिक्योरिटी मनी' या 'मेडिकल फीस' नकद या पर्सनल अकाउंट में नहीं मांगता।
  • ठग युवाओं को डराने के लिए कहते हैं कि अगर दो दिन में पैसे जमा नहीं किए, तो नौकरी किसी और को मिल जाएगी।
  • अगर पैसे किसी व्यक्ति के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा जाए, तो तुरंत समझ जाएं कि यह फ्रॉड है।
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फ्रॉड से बचने के लिए तुरंत करें ये काम - फोटो : अमर उजाला
फ्रॉड से बचने के लिए तुरंत करें ये काम
  • संबंधित विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर सिलेक्टेड कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट में अपना रोल नंबर और नाम दोबारा चेक करें।
  • संदेह होने पर विभाग के आधिकारिक पते पर जाकर या उनके टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके जॉइनिंग लेटर का वेरिफिकेशन कराएं।
  • अगर आपके साथ ऐसा कोई फ्रॉड हुआ है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
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