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क्या हर किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरूरी होता है? जानें इससे जुड़े नियम

Tue, 29 Sep 2026 03:21 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Is Tenant Police Verification Mandatory India: अक्सर ऐसा होता है कि कुछ मकान मालिक जाने अनजाने में या लापरवाही के कारण किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करा पाते हैं। मगर आपको बता दें कि भविष्य में जब कोई समस्या होती है तो इसमें मकान मालिक को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए इसी के बारे में समझते हैं।
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किराएदार पुलिस वेरिफिकेशन नियम - फोटो : AI
Landlord Legal Duty Tenant Verification: मकान किराए पर देते समय किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराना बेहद महत्वपूर्ण और कानूनी रूप से अनिवार्य प्रक्रिया है। कई बार मकान मालिक समय की कमी या लापरवाही के कारण पुलिस सत्यापन कराने से बचते हैं, जो भविष्य में उनके लिए बड़ी मुसीबत का कारण बन सकता है। 

देश के अधिकांश राज्यों और बड़े शहरों में सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा टेनेंट वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है। किराएदार का सत्यापन न कराने पर न सिर्फ आपराधिक गतिविधियों का खतरा बढ़ता है, बल्कि मकान मालिक पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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कानूनी रूप से क्यों जरूरी है किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन? - फोटो : अमर उजाला
कानूनी रूप से क्यों जरूरी है किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन?
  • किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराने का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों, अपराधियों या अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना है।
  • जब पुलिस के पास आपके किराएदार का पूरा रिकॉर्ड, पहचान पत्र और स्थायी पता दर्ज होता है, तो किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में कार्रवाई करना आसान हो जाता है।
  • यह प्रक्रिया मकान मालिक और समाज दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
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सत्यापन न कराने पर मकान मालिक पर कानूनी कार्रवाई - फोटो : Amar Ujala
सत्यापन न कराने पर मकान मालिक पर कानूनी कार्रवाई
  • अगर कोई मकान मालिक बिना पुलिस सत्यापन के किराएदार रखता है, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (सरकारी आदेश की अवहेलना) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
  • इसके तहत मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है, जिसमें एक से छह महीने तक की जेल या जुर्माना या फिर दोनों की सजा का प्रावधान है।

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आपराधिक मामले में फंसने पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें - फोटो : Amar Ujala
आपराधिक मामले में फंसने पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें
  • अगर आपका किराएदार किसी गंभीर अपराध, चोरी या असामाजिक गतिविधि में शामिल पाया जाता है और आपने उसका वेरिफिकेशन नहीं कराया है, तो पुलिस आपको उस अपराध में मददगार या लापरवाह मानकर पूछताछ कर सकती है।
  • ऐसी स्थिति में कानूनन मकान मालिक की जवाबदेही तय की जाती है और उन्हें कानूनी पचड़ों और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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घर बैठे ऑनलाइन ऐसे कराएं किराएदार का वेरिफिकेशन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
घर बैठे ऑनलाइन ऐसे कराएं किराएदार का वेरिफिकेशन
  • आजकल कुछ राज्यों में किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराना बेहद आसान हो गया है और इसके लिए बार-बार थाने जाने की जरूरत नहीं होती।
  • आप अपने राज्य के नियम देखें और पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप के जरिए आसानी से ऑनलाइन फॉर्म भरकर आधार कार्ड व फोटो अपलोड कर सकते हैं।
  • इसके अलावा ऑफलाइन फॉर्म भरकर पास के पुलिस स्टेशन में जमा कर रसीद प्राप्त कर सकते हैं।
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