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Inverter AC: क्या सचमुच इन्वर्टर एसी से बिजली का बिल कम आता है? यहां जानें इसकी सच्चाई

Tue, 14 Jul 2026 01:50 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Inverter vs Non Inverter AC: बरसात की वजह से इन दिनों उमस वाला मौसम काफी बढ़ गया है, ऐसे में बहुत से लोग अब एसी खरीदने की योजना बना रहे हैं। जब भी लोग एसी खरीदने जाते हैं तो दुकानदार इन्वर्टर एसी खरीदने का सुझाव देता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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इन्वर्टर एसी में बिजली बिल की सच्चाई - फोटो : AI
Inverter vs Non Inverter AC: गर्मियों के मौसम में नया एसी खरीदते समय हर किसी के दिमाग में बिजली के भारी-भरकम बिल का डर जरूर रहता है। दुकान पर जाते ही कंपनियां और दुकानदार आपको 'इन्वर्टर एसी' खरीदने की सलाह देते हैं और दावा करते हैं कि इससे बिजली का बिल 30 से 50 फीसदी तक कम आएगा। मगर कई लोग इसे कंपनियों का सिर्फ एक मार्केटिंग स्टंट या नया ड्रामा मानते हैं ताकि वे महंगे एसी बेच सकें। ऐसे आम लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि आखिर इसकी सच्चाई क्या है?

असल में होता क्या है कि इनवर्टर एसी में एक इनवर्टर लगा होता है जो एसी के कंप्रेशर को कमरे के तापमान के हिसाब से चलाता है। इससे कंप्रेशर जरुरत के हिसाब से ही चलता है और बिजली बिल कम आ सकती है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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कंप्रेसर चलने की तकनीक में है असली फर्क - फोटो : Freepik
कंप्रेसर चलने की तकनीक में है असली फर्क
साधारण स्प्लिट एसी का कंप्रेसर सिर्फ एक ही स्पीड पर चलता है, कमरा ठंडा होते ही वह पूरी तरह बंद हो जाता है और गर्म होते ही दोबारा फुल स्पीड पर चालू होता है। इसके विपरीत, इन्वर्टर एसी का कंप्रेसर कभी बंद नहीं होता। वह कमरे के तापमान के हिसाब से अपनी स्पीड को धीरे या तेज करता रहता है। बार-बार चालू-बंद न होने के कारण यह तकनीक बिजली की भारी बचत करती है।
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लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर ही दिखेगा फायदा - फोटो : Freepik
लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर ही दिखेगा फायदा
आमतौर पर इन्वर्टर एसी बेचने वाले दुकानदार यह दावा करते हैं कि बिल आधा आएगा, मगर यह तभी आपको दिखेगा जब आप एसी को रोजाना 6 से 8 घंटे या उससे ज्यादा समय के लिए लगातार चलाते हैं। शुरुआती 1 घंटे में दोनों एसी बराबर बिजली की खपत करते हैं। लेकिन जब कमरा एक बार ठंडा हो जाता है, तो इन्वर्टर एसी बहुत कम पावर पर चलने लगता है। अगर आपका एसी सिर्फ 1-2 घंटे ही चलता है, तो इन्वर्टर एसी लेने का कोई फायदा नहीं होगा।

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महंगे पार्ट्स और पीसीबी मरम्मत का बढ़ा खर्च - फोटो : Freepik
महंगे पार्ट्स और पीसीबी मरम्मत का बढ़ा खर्च
कंपनियों के मार्केटिंग स्टंट का दूसरा पहलू यह है कि वे आपको बिजली बचत तो बताती हैं, लेकिन बाद के खर्च छुपा जाती हैं। इन्वर्टर एसी में एक बेहद संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बोर्ड लगा होता है। अगर घर में वोल्टेज का बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव हो, तो यह बोर्ड फुंक जाता है। इस पीसीबी को ठीक कराने या बदलने में हजारों रुपये का भारी खर्च आता है, जो साधारण एसी में बहुत कम होता है।
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आम इंसान के लिए क्या है सबसे बेस्ट फैसला - फोटो : Freepik
आम इंसान के लिए क्या है सबसे बेस्ट फैसला
अगर आप अपने बेडरूम के लिए एसी ले रहे हैं जहां रात भर (7-8 घंटे) एसी चलना है, तो आंख बंद करके 5-स्टार इन्वर्टर एसी ही खरीद सकते हैं, क्योंकि 2 साल में जो बढ़ी हुई कीमत आपने चुकाई है वो बिल की बचत से वसूल हो जाएगी। अगर आप बैठक (ड्राइंग रूम) या दुकान के लिए एसी ले रहे हैं जहां दरवाजा बार-बार खुलता है या एसी बहुत कम समय के लिए चलता है, तो साधारण फिक्स्ड-स्पीड एसी आपके लिए एक किफायती और बेहतर विकल्प साबित होगा।
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