अंदर जाली और बाहर होते हैं ढक्कन
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अंदर जाली और बाहर होते हैं ढक्कन
अगर आप ट्रेन के अंदर की छत को ध्यान से देखेंगे, तो आपको छोटी-छोटी छेद वाली जालियां दिखाई देंगी, जिन्हें 'रूफ वेंटिलेटर' कहते हैं। बोगी के भीतर की गर्म हवा इन्हीं जालियों के रास्ते ऊपर जाती है। इसके बाद, छत के ऊपर लगे गोल ढक्कनों के जरिए वह हवा पूरी तरह से ट्रेन के डिब्बे से बाहर निकल जाती है, जिससे ट्रेन के अंदर का तापमान संतुलित रहता है।