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Incognito Myth: क्या वाकई इनकोग्निटो मोड सेफ है? जानें डाटा चोरी से बचने के लिए कौन सी सेटिंग्स हैं जरूरी

Mon, 06 Apr 2026 03:43 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Incognito Mode Privacy Myth: अक्सर लोग अपने ब्राउजर में इनकोग्निटो मोड में इंटरनेट चलाते हैं और उन्हें लगता है कि उन्हें कोई ट्रैक नहीं कर सकता है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो आपको ये लेख जरूर पढ़ना चाहिए। आइए इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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इनकोग्निटो मोड - फोटो : Amar Ujala
Incognito Mode Privacy Myth: इंटरनेट की दुनिया में अक्सर लोग 'इनकोग्निटो मोड' (Incognito Mode) का इस्तेमाल करते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बहुत से लोगों को लगता है कि इस मोड पर वो जो भी सर्च करेंगे उसे कोई ट्रैक नहीं कर सकता है। मगर बता दें कि यह धारणा पूरी तरह से गलत है। सच्चाई यह है कि इनकोग्निटो मोड सिर्फ आपके डिवाइस पर ब्राउजिंग हिस्ट्री और कुकीज को सेव होने से रोकता है।

आज के नए प्राइवेसी अपडेट्स और गूगल के कानूनी दस्तावेजों से यह साफ हो गया है कि आपकी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, आपका ऑफिस या स्कूल और यहां तक कि गूगल खुद भी आपकी एक्टिविटी देख सकते हैं। अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सिर्फ इस मोड पर भरोसा करना काफी नहीं है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं कि इनकोग्निटो मोड की सीमाएं क्या हैं और डाटा चोरी से बचने के लिए आपको तुरंत कौन सी सेटिंग्स बदलनी चाहिए।
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इनकोग्निटो मोड में कितनी सेफ है आपकी प्राइवेसी? - फोटो : अमर उजाला
इनकोग्निटो मोड का सच और उसकी सीमाएं
  • यह मोड सिर्फ आपके कंप्यूटर या फोन पर हिस्ट्री नहीं दिखाता, ताकि घर का कोई दूसरा सदस्य आपकी सर्च न देख सके।
  • इनकोग्निटो मोड में आप जिन भी वेबसाइट्स पर आप विजिट करते हैं, वे आपकी लोकेशन और आईपी एड्रेस को ट्रैक कर सकती हैं।
  • इतना ही नहीं, गूगल की सेवाएं आपके गतिविधी का डाटा इकट्ठा कर सकती हैं ताकि आपको विज्ञापन दिखाए जा सकें।
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mobile call new - फोटो : Adobe Stock
डाटा चोरी से बचने के लिए ये सेटिंग जरूरी
  • सेटिंग्स में जाकर 'Block third-party cookies' को हमेशा ऑन रखें।
  • ब्राउजर की प्राइवेसी सेटिंग्स में इस विकल्प को चालू करें ताकि वेबसाइट्स आपको ट्रैक न करें।
  • कुछ एडवांस ब्राउजर में 'प्राइवेसी सैडबॉक्स' होता है, जिसका उपयोग करने से आपको सर्च हिस्ट्री के आधर पर विज्ञापन नहीं दिखता है।

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VPN का इस्तेमाल से सेफ रहेगा आपका डाटा - फोटो : AI
वीपीएन और सुरक्षित ब्राउजर का उपयोग
  • एक भरोसेमंद वीपीएन आपकी असली लोकेशन और आईपी एड्रेस को पूरी तरह से एनक्रिप्ट कर देता है।
  • गूगल क्रोम के अलावा कई ऐसे ब्राउजर हैं जो प्राइवेसी के मामले में क्रोम से कहीं बेहतर हैं।
  • अपने नेटवर्क में सुरक्षित DNS सेटिंग्स का उपयोग करें ताकि आपकी सर्च क्वेरी कोई देख न सके।
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इनकोग्निटो मोड में कितनी सेफ है आपकी प्राइवेसी? - फोटो : Adobe Stock
डिजिटल प्राइवेसी के लिए स्मार्ट टिप्स
  • आज के डिजिटल युग में प्राइवेसी एक मिथक बनती जा रही है, इसलिए सतर्क रहना ही एकमात्र रास्ता है।
  • इनकोग्निटो मोड ये सोचकर लॉगिन न करें, कि आप जो भी सर्च कर रहे हैं उसे कोई ट्रैक नहीं कर सकता है।
  • समय-समय पर अपने गूगल अकाउंट की 'My Activity' सेक्शन में जाकर पुराना डाटा डिलीट करते रहें।
  • ध्यान रखें कि इंटरनेट पर कुछ भी पूरी तरह मुफ्त नहीं है, आपकी जानकारी ही कंपनियों के लिए सबसे कीमती उत्पाद है।
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