भारत का सामाजिक ढांचा लंबे समय से पितृसत्तात्मक रहा है। हालांकि, आजादी के बाद से देश के विभिन्न क्षेत्रों में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक स्तर पर सशक्त करने के लिए उन्हें कई संवैधानिक अधिकार दिए गए। इस कारण आज के समय पुरुषों के समान महिलाएं भी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि देश में पितृसत्तामक ढांचा अब कमजोर हो रहा है। संविधान द्वारा महिलाओं को भी पैतृक संपत्ति में पुरुषों के समान ही अधिकार दिए गए हैं। वहीं अक्सर कई लोगों का सवाल रहता है कि पत्नी की संपत्ति में पति के क्या अधिकार होते हैं? क्या पति अपनी पत्नी की संपत्ति को उसकी बिना इजाजत के बेच सकता है? अगर आप भी इस विषय में जानना चाहते हैं तो आज इस खबर के माध्यम से हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं -