Husband Right on Wife Property: देश की प्रगति और समृद्धि में महिलाओं की भागीदारी काफी जरूरी है। इसी चीज को देखते हुए आजादी के बाद से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए कई संवैधानिक अधिकार दिए गए हैं। इनमें एक प्रमुख पहलू महिलाओं का संपत्ति में अधिकार है। संपत्ति में महिलाओं का अधिकार न केवल उनको आर्थिक स्तर पर सशक्त करता है बल्कि उनको पारिवारिक निर्णयों को लेने में भी मदद करता है। साल 2005 में हिंदू उत्तराधिकार नियमों में प्रमुख संशोधन करके महिलाओं को भी पैतृक संपत्ति में समान अधिकार दिए गए। यह भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। हालांकि, अक्सर महिलाओं की संपत्ति में क्या अधिकार दिए गए हैं? इसको लेकर काफी कंफ्यूजन रहती है।