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Postmortem Report: परिवार वाले कैसे देख सकते हैं अपने परिजन के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट? जानें नियम

Fri, 08 May 2026 05:39 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Postmortem Report Rules India: किसी अपने को खोना बेहद दुखद होता है, और अगर मृत्यु संदिग्ध हो। अक्सर परिजनों को यह पता नहीं होता कि वे कानूनी रूप से पोस्टमार्टम रिपोर्ट को कैसे देख या प्राप्त कर सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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परिवार वालों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने की क्या प्रक्रिया है? - फोटो : AI
Legal Heir Rights: किसी प्रियजन को खोने का दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है, और अगर मृत्यु की परिस्थितियां संदिग्ध हों, तो मानसिक पीड़ा और बढ़ जाती है। ऐसे कठिन समय में 'पोस्टमार्टम रिपोर्ट' सच्चाई जानने का सबसे अहम जरिया होती है। अक्सर परिजनों को यह पता नहीं होता कि वे कानूनी रूप से इस रिपोर्ट को कैसे देख या प्राप्त कर सकते हैं। 

चूंकि यह एक गोपनीय कानूनी दस्तावेज है, इसलिए भारत में इसे प्राप्त करने के सख्त नियम निर्धारित किए गए हैं। यह समझना जरूरी है कि मृतक के कानूनी वारिसों के पास गरिमा के साथ इस रिपोर्ट को हासिल करने का पूरा अधिकार है। आइए इस लेख में समझते हैं कि परिवार के सदस्य कैसे मृतक परिजन का पोस्टमार्टम रिपोर्ट देख सकते हैं।
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पोस्टमार्टम की रिपोर्ट - फोटो : Adobe Stock
रिपोर्ट प्राप्त करने की कानूनी प्रक्रिया
  • रिपोर्ट की कॉपी पाने के लिए सबसे पहले आपको केस के जांच अधिकारी (IO) या संबंधित अदालत से 'एनओसी' लेनी होगी।
  • एनओसी मिलने के बाद आपको अस्पताल के रिकॉर्ड विभाग में आवेदन करना होता है और सरकार द्वारा तय शुल्क (लगभग ₹25) जमा करना पड़ता है।
  • आवेदन के साथ आपको मृतक से अपने संबंध का प्रमाण (जैसे आधार कार्ड या वारिस प्रमाण पत्र) देना जरूरी होता है।
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पोस्टमार्टम की रिपोर्ट - फोटो : Adobe Stock
किसे है रिपोर्ट देखने का प्राथमिक अधिकार?
  • जांच अधिकारी- पुलिस का वह अधिकारी जो मामले की छानबीन कर रहा है, उसे रिपोर्ट प्राप्त करने का पहला हक होता है।
  • संबंधित अदालत - पोस्टमार्टम की असली कॉपी हमेशा सीधे उस कोर्ट में भेजी जाती है जहां केस चल रहा हो।
  • निकटतम परिजन - मृतक के माता-पिता, पति/पत्नी या बच्चे 'कानूनी वारिस' के तौर पर इसकी चौथी कॉपी के लिए दावा कर सकते हैं।

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पोस्टमार्टम की रिपोर्ट - फोटो : Adobe Stock
गोपनीयता और मानवाधिकार के नियम
  • पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कोई आम दस्तावेज नहीं है, इसलिए इसे किसी भी अनजान या अनधिकृत व्यक्ति को नहीं दिखाया जा सकता।
  • मानवाधिकार आयोग के अनुसार, हिरासत में हुई मौत जैसे मामलों में पोस्टमार्टम 3 डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया जाना अनिवार्य है।
  • नए नियमों के तहत अब परिजनों को प्रक्रिया की बुनियादी जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
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पोस्टमार्टम की रिपोर्ट - फोटो : Adobe Stock
सावधानियां और जरूरी बातें
  • रिपोर्ट मिलने के बाद उसे किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को जरूर दिखाएं ताकि आप मेडिकल शब्दों और मौत के असली कारण को सही से समझ सकें।
  • आमतौर पर पोस्टमार्टम के तुरंत बाद शुरुआती जानकारी मिल जाती है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट आने में कुछ दिनों का समय लग सकता है।
  • अगर आपको रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी लगे, तो आप दोबारा पोस्टमार्टम या उच्च स्तरीय जांच की मांग अदालत के माध्यम से कर सकते हैं।
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