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बैंक अकाउंट में कितना कैश जमा करने पर आ सकता है इनकम टैक्स का नोटिस? जानें इससे जुड़े नियम

Sun, 06 Sep 2026 08:03 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Cash Deposit in Bank: कई बार ऐसा होता है कि लोगों के पास वैध पैसा होता है फिर वो बैंक अकाउंट में जमा करने से डरते हैं। ऐसी स्थिति में दिमाग में कई तरह के सवाल आते हैं। आइए इस लेख में इसी से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब जानते हैं।
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बैंक अकाउंट - फोटो : AI
Bank Account Maximum Amount Rule: आज के समय में तो अधिकतर लोगों के पास अपना बैंक अकाउंट है। अक्सर कुछ लोगों के दिमाग में ये सवाल आता है कि आखिर बैंक में कितना रुपये रखने पर इनकम टैक्स की नजर आप पर पड़ सकती है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके अचानक वैध पैसा आता है उसे भी खाते में रखने से डरते हैं, सिर्फ इसलिए की कहीं इनकम टैक्स उनसे जवाब न मांग ले। आपके बता दें कि सिर्फ खाते में ज्यादा पैसा होना अपने आप में टैक्स चोरी नहीं है।

असली सवाल यह है कि पैसा कहां से आया और क्या उसका स्रोत सही तरीके से बताया जा सकता है। मौजूदा नियमों में कुछ खास लेनदेन की जानकारी बैंक और दूसरी संस्थाओं को टैक्स विभाग के साथ साझा करनी होती है। इसलिए बड़ी रकम के साथ उसके स्रोत का रिकॉर्ड रखना जरूरी होता है। आइए इस लेख में इसी से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब जानते हैं।
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सेविंग अकाउंट में 10 लाख रुपये का क्या नियम है? - फोटो : Adobe Stock
सेविंग अकाउंट में 10 लाख रुपये का क्या नियम है?
अगर किसी व्यक्ति के सेविंग बैंक खातों में एक वित्त वर्ष के दौरान कुल 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा नकद जमा होता है, तो बैंक इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को दे सकता है। अगर PAN नहीं है, तो यह सीमा 5 लाख रुपये है।

क्या 10 लाख रुपये जमा करते ही टैक्स लग जाएगा?
नहीं। यह रकम रिपोर्टिंग की सीमा है, टैक्स लगने की सीमा नहीं। अगर पैसा आपकी घोषित आय, पुरानी बचत, संपत्ति की बिक्री या किसी वैध स्रोत से आया है और उसका रिकॉर्ड मौजूद है, तो केवल रिपोर्ट होने से टैक्स देनदारी तय नहीं हो जाती।
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करंट अकाउंट का नियम अलग है - फोटो : Adobe Stock
करंट अकाउंट का नियम अलग है
एक या कई करंट अकाउंट में वित्त वर्ष के दौरान 50 लाख रुपये या उससे ज्यादा नकद जमा या निकासी होने पर बैंक को इसकी रिपोर्ट करनी होती है। इसलिए सेविंग और करंट अकाउंट की सीमाओं को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।

सिर्फ खाते में 10 लाख रुपये पड़े हैं तो?
मान लीजिए खाते में पहले से 12 लाख रुपये जमा हैं और उस वित्त वर्ष में कोई बड़ी नकद जमा नहीं हुई। सिर्फ इतनी वजह से यह नहीं कहा जा सकता कि 10 लाख रुपये की सीमा पार होने के कारण बैंक ने कोई रिपोर्ट जरूर की होगी। नियम खास तौर पर नकद जमा के कुल लेनदेन पर लागू होते हैं।

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सबसे जरूरी है पैसे का स्रोत - फोटो : Adobe Stock
सबसे जरूरी है पैसे का स्रोत
बैंक में बड़ी रकम जमा करने पर घबराने के बजाय उसके स्रोत का रिकॉर्ड रखें। वेतन, कारोबार, संपत्ति बिक्री, उपहार या अन्य वैध स्रोत से पैसा आया है तो उससे जुड़े दस्तावेज संभालकर रखना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर यही रिकॉर्ड रकम के स्रोत को समझाने में मदद कर सकते हैं।
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एक और जरूरी बात - फोटो : AdobeStock
एक और जरूरी बात
बैंक की रिपोर्टिंग का मतलब यह नहीं कि हर ऐसे व्यक्ति के खिलाफ जांच शुरू हो जाएगी। टैक्स विभाग के पास अलग-अलग वित्तीय लेनदेन की जानकारी पहुंच सकती है और जरूरत के अनुसार उसका मिलान किया जा सकता है। इसलिए बैंक खाते में रकम से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि पैसा वैध स्रोत से आया हो और उसका हिसाब स्पष्ट हो।
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