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एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम कितने बचत खाते खुलवा सकता है? जानिए नियम

Tue, 29 Sep 2026 08:32 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Multiple Bank Accounts: बहुत से लोगों के मन ये सवाल आता है कि आखिर वो अधिकतम कितने सेविंग अकाउंट खोलवा सकते हैं। बता दें कि इसको लेकर कोई सीमा नहीं है, यानी आप कितना भी अकाउंट खोलवा सकते हैं। मगर ये समझना जरूरी है कि आपके सभी खाते के चार्जेज भी देने होंगे। आइए इसी के बारे में समझते हैं।
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सेविंग अकाउंट लिमिट - फोटो : AI
भारत में बचत खाता खोलना बेहद आसान प्रक्रिया है, लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिक से अधिक कितने सेविंग अकाउंट खुलवा सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, भारत का कोई भी नागरिक अपने नाम पर जितना चाहे उतना बचत खाते खुलवा सकता है, इसपर कोई सीमा नहीं है।

देश में खातों की संख्या को लेकर कोई ऊपरी कानूनी सीमा या पाबंदी तय नहीं की गई है। आप चाहें तो एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में या फिर अलग-अलग बैंकों में जितने चाहें उतने खाते खुलवा सकते हैं, जब तक कि आप उन सभी खातों के नियमों और शर्तों को पूरा करते हैं।
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बैंक - फोटो : Adobe Stock
एक से अधिक खाते रखने के फायदे
  • एक से ज्यादा बचत खाते होने के कई फायदे हैं। आप अपने पैसों को अलग-अलग कामों के लिए बांट सकते हैं, जैसे एक खाता रोजमर्रा के खर्चों के लिए और दूसरा बचत या इमरजेंसी फंड के लिए।
  • इसके अलावा, अलग-अलग बैंकों से मिलने वाले विशेष ऑफर्स और ब्याज दरों का लाभ भी मिलता है।
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बैंक - फोटो : Adobe Stock
बैंक अकाउंट इनएक्टिव या डॉरमेंट होना
  • अगर आप किसी बचत खाते से लगातार 12 महीने तक कोई लेनदेन नहीं करते हैं, तो बैंक उसे 'इनएक्टिव' कर देता है।
  • वहीं, 24 महीने तक कोई गतिविधि न होने पर खाता 'डॉरमेंट' यानी इनएक्टिव हो जाता है।
  • ऐसे खातों को दोबारा चालू कराने के लिए आपको दोबारा केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।

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बैंक - फोटो : Adobe Stock
खातों के प्रबंधन और चार्जेज का ध्यान रखें
  • ज्यादा खाते होने पर कुछ नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं। लगभग सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों में मिनिमम बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य होता है।
  • अगर आप मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो बैंक जुर्माना लगाता है। साथ ही, हर खाते के डेबिट कार्ड और एसएमएस अलर्ट के सालाना चार्ज भी देने पड़ते हैं।
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बैंक लोन - फोटो : Freepik
टैक्स और आईटीआर फाइलिंग में सतर्कता
  • आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, आपको अपने सभी बैंक खातों की जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय देनी होती है।
  • सभी खातों से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स नियमों के तहत कर लगता है।
  • इसलिए, गैर-जरूरी खातों को बंद कर देना ही वित्तीय रूप से एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
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