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Harish Rana Death: हरीश राणा मामले से चर्चा में आई थी लिविंग विल, यहां जानें क्या होती है ये

Tue, 24 Mar 2026 05:28 PM IST
Prakash Chand Joshi यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Harish Rana Case Living Will News: हरीश राणा मामले से एक चीज जो सबसे अधिक चर्चा में है वो है लिविंग विल। क्या आप जानते हैं लिविंग विल होती क्या है?
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हरीश राणा का निधन: लिविंग विल क्या होती है? - फोटो : Amar Ujala
Living Will Harish Rana Case: गाजियाबाद के हरीश राणा का आज दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वे बीते 13 साल से कोमा में थे। सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों उन्हें इच्छामृत्यु की इजाजत दी थी। हरीश ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में जुलाई 2010 में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था। साल 2013 में वो अंतिम वर्ष का छात्र था और इसी दौरान अगस्त 2013 में रक्षाबंधन के दिन जब वो अपनी बहन से मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। तभी वो अचानक पीजी की चौथी मंजिल से नीचे गिर गया था।

इसके बाद से ही हरीश अस्पताल के बिस्तर पर ही है और वे क्वाड्रिप्लेजिया से ग्रसित हैं। ऐसे में हरीश के माता-पिता ने पहले हाइकोर्ट से जुलाई 2025 में बेटे के लिए इच्छामृत्यु की अपील की थी, लेकिन हाइकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद 11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश को इच्छामृत्यु यानी पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी थी। इन सबके बीच अब हरीश मामले से एक शब्द काफी चर्चा में है जो है लिविंग विल। चलिए जानते हैं ये लिविंग विल होती क्या है?
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हरीश राणा केस: लिविंग विल क्या होती है? - फोटो : Adobe Stock
क्या है लिविंग विल?
  • दरअसल, लिविंग विल एक तरह का लिखित डॉक्यूमेंट होता है
  • इस दस्तावेज में कोई भी व्यक्ति पहले ही अपनी इच्छा जाहिर कर देता है कि उसे गंभीर बीमार के समय किस तरह का इलाज मिले या दिया जाए
  • हालांकि, ये नियम तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति कोई फैसला लेने में सक्षम न हो या वो कोमा में हो
  • व्यक्ति विल में ये लिखकर दे सकता है कि उसे वेंटिलेटर (जीवन रक्षक उपकरणों) पर रखा जाए या नहीं
  • ये विल पैसिव यूथनेसिया की अनुमति देता है यानी इससे कोई भी व्यक्ति गरिमा के साथ मर सके
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हरीश राणा केस: लिविंग विल क्या होती है? - फोटो : Adobe Stock
कौन बनवा सकता है लिविंग विल?
  • भारत में कोई भी व्यस्क व्यक्ति जो मानसिक रूप से स्वस्थ हो
  • व्यक्ति की उम्र 18 साल से ऊपर होना भी जरूरी है

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हरीश राणा केस: लिविंग विल क्या होती है? - फोटो : Adobe Stock
कैसे बनती है लिविंग विल?
  • कोई भी व्यक्ति दो गवाहों की मौजूदगी में लिविंग विल को बना सकता है
  • फिर आपको इसमें गजेटेड ऑफिसर के हस्ताक्षर करवाने होते हैं या आप इसकी नोटरी भी करवा सकते हैं
  • इसके बाद इसे अपने या परिवार के पास सुरक्षित रखा जा सकता है या कोर्ट में जमा करवाया जा सकता है
  • सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2023 में लिविंग विल बनाने की प्रक्रिया को आसान किया था
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हरीश राणा केस: लिविंग विल क्या होती है? - फोटो : Adobe Stock
कब मिली थी लिविंग विल को मान्यता?
  • लिविंग विल और पैसिव यूथेनेसिया को सुप्रीम कोर्ट ने 9 मार्च 2018 को कॉमल कॉज यूनियन ऑफ इंडिया के मामले में मान्यता दी थी
  • उस वक्त 5 जजों की बेंच ने इसे गरिमा के साथ मरने का अधिकार जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) का हिस्सा माना
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हरीश राणा केस: लिविंग विल क्या होती है? - फोटो : Adobe Stock
नहीं बनवाई लिविंग विल, तो क्या नहीं ले सकते पैसिव यूथनेसिया का फैसला?
  • अगर किसी व्यक्ति ने लिविंग विल नहीं बनवाई है तो फिर परिवार पैसिव यूथनेसिया का फैसला नहीं ले सकता
  • ऐसे में फिर इसका फैसला कोर्ट और मेडिकल बोर्ड की मंजूरी के बाद ही होता है
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हरीश राणा केस: लिविंग विल क्या होती है? - फोटो : Adobe Stock
क्या दवाओं से दी जाती है मौत?
  • नहीं, लिविंग विल में सिर्फ पैसिव यूथनेशिया के बारे में ही लिखा जाता है
  • इसका मतलब होता है कि मरीज के सिर्फ जीवन रक्षक उपकरण हटाए जा सकते हैं
  • किसी भी तरह की दवा से मौत नहीं दी जा सकती, क्योंकि ऐसा करना गैर कानूनी है

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