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PUC सर्टिफिकेट लेने जा रहे हैं? इन बातों का रखें ध्यान वरना नहीं आएगी सही एमिशन रीडिंग

Tue, 06 Oct 2026 03:03 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vehicle Emission Test Reading: इन दिनों कई पेट्रोल पंपों पर बिना PUC सर्टिफिकेट वाले गाड़ियों को पेट्रोल नहीं मिल रहा है, ऐसे में इन दिनों बहुत से लोग PUC सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं। बता दें कि पाल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने के कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। आइए इसी के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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पीयूसी सर्टिफिकेट नियम - फोटो : AI
PUC Certificate Tips: वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट बनवाना बेहद अनिवार्य है। हालांकि, कई बार वाहन पूरी तरह ठीक होने के बावजूद छोटी-छोटी लापरवाहियों के कारण पीयूसी टेस्ट में फेल हो जाता है या उसकी एमिशन (उत्सर्जन) रीडिंग गलत आ जाती है। इससे वाहन चालकों को दोबारा पैसे और समय बर्बाद करने पड़ते हैं।

एमिशन टेस्ट के दौरान साइलेंसर से निकलने वाले धुएं का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाता है, जिसमें थोड़ी सी भी गड़बड़ी रिपोर्ट को प्रभावित कर सकती है। अगर आप भी अपनी गाड़ी का पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने जा रहे हैं, तो टेस्ट सेंटर पहुंचने से पहले कुछ आसान और महत्वपूर्ण बातों का ध्यान जरूर रखें ताकि आपको एकदम सही रीडिंग मिल सके।
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PUC सेंटर - फोटो : AI जनरेटेड
टेस्ट से पहले गाड़ी का इंजन गर्म रखें
  • ठंडे इंजन से हमेशा हानिकारक गैसों का उत्सर्जन अधिक होता है।
  • इसलिए पीयूसी सेंटर पहुंचने से पहले गाड़ी को 5 से 10 किलोमीटर चलाएं ताकि इंजन अपने सामान्य ऑपरेटिंग तापमान पर आ सके और रीडिंग सही आए।
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ऑनलाइन चेक करें PUC का स्टेटस - फोटो : AI जनरेटेड
नियमित सर्विसिंग के बाद ही कराएं टेस्ट
  • गंदा एयर फिल्टर और पुराना इंजन ऑयल ईंधन को पूरी तरह जलने नहीं देते, जिससे धुआं ज्यादा निकलता है।
  • गाड़ी की समय पर सर्विसिंग कराने के बाद टेस्ट कराने से प्रदूषण का स्तर काफी कम दर्ज होता है।

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साइलेंसर में लीकेज की जांच कराएं - फोटो : AdobeStock
साइलेंसर में लीकेज की जांच कराएं
  • अगर गाड़ी के एग्जॉस्ट या साइलेंसर पाइप में कहीं भी छोटा सा छेद है, तो बाहरी हवा अंदर चली जाती है।
  • इससे मशीन में ऑक्सीजन का स्तर गलत दिखता है और गाड़ी टेस्ट में फेल हो सकती है।
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टेस्ट से पहले इंजन को 'आइडल' पर छोड़ें - फोटो : Adobestock
टेस्ट से पहले इंजन को 'आइडल' पर छोड़ें
  • सेंटर पर अपनी बारी आने पर मशीन लगाने से पहले गाड़ी को 1-2 मिनट चालू रहने दें।
  • इससे एग्जॉस्ट सिस्टम स्थिर हो जाता है और जमा हुआ कार्बन बाहर निकलकर एकदम सटीक रीडिंग देता है।
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