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LPG Gas: गैस की किल्लत में इंडक्शन डिमांड में, जानें 1 घंटे इंडक्शन चलाने पर कितनी बिजली की होती है खपत

Sat, 14 Mar 2026 04:05 PM IST
Sankalp Prakash Singh यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर पैनिक देखने को मिल रहा है। ऐसे में कई लोग इंडक्शन खरीद रहे हैं। वहीं क्या आपको इस बारे में पता है इंडक्शन कितनी बिजली की खपत करता है?
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How much electricity induction consume - फोटो : Amar Ujala
अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस तनावपूर्ण स्थिति में गैस आपूर्ति पर मंडराते खतरे के बीच भारत में घरेलू रसोई व्यवस्था को लेकर नई चिंता सामने आ रही है। ईरान और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा है। गैस सिलेंडर की संभावित किल्लत की चर्चा के बीच कई घरों में इंडक्शन की मांग तेजी से बढ़ रही है। कई लोग इसे गैस का विकल्प मानकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते बिजली की खपत को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। 
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induction cooking - फोटो : Adobe stock
इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार के व्यापारियों की मानें तो पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन खरीदने वालों की संख्या बढ़ी है। इंडक्शन स्टोव गैस के मुकाबले साफ और तेज कुकिंग का विकल्प देता है, इसलिए कई परिवार इसे बैकअप के तौर पर खरीद रहे हैं। 
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induction cooking - फोटो : Adobe stock
कई लोगों का अक्सर यह सवाल रहता है कि आखिर इंडक्शन चलाने पर कितनी बिजली की खपत होती है। सामान्य तौर पर घरेलू इंडक्शन कुकटॉप की क्षमता 1200 से 2200 वॉट के आसपास होती है। अगर कोई व्यक्ति 2000 वॉट का इंडक्शन एक घंटे तक चलाता है तो यह करीब 2 यूनिट बिजली की खपत करता है।

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induction cooking - फोटो : Adobe stock
अगर इंडक्शन 1200 वॉट का है तो एक घंटे तक इसे चलाने पर 1.2 यूनिट बिजली की खपत होती है। वहीं सरकार एलपीजी की स्थिति पर नजर बना रखी है। इसके अलावा सरकार आपूर्ति को बनाए रखने के लिए कई विकल्पों पर काम कर रही है। 
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induction cooking - फोटो : Adobe stock
वहीं विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि वैश्विक तनाव बढ़ने पर ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। ऐसे में घरेलू स्तर पर गैस के साथ वैकल्पिक ऊर्जा उपकरणों का इस्तेमाल लोगों के लिए मददगार साबित हो सकता है, लेकिन साथ ही बिजली खपत और लागत को समझना जरूरी है।
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