नौकरी छोड़ने के बाद EPF में नया योगदान बंद हो सकता है, लेकिन मौजूदा बैलेंस पर नियमों के अनुसार ब्याज मिलता रहता है। अगर 10 लाख रुपये की रकम पर 8.25% सालाना ब्याज लगातार मिलता रहे, तो 15 साल में यह रकम करीब 32.84 लाख रुपये हो सकती है।
एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड यानी EPF वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट बचत एक अच्चा तरीका हो सकता है। नियमों के तहत कर्मचारी की बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते के आधार पर सामान्य तौर पर 12% कर्मचारी की तरफ से EPF में योगदान किया जाता है। चलिए जानते हैं इसका पूरा गणित क्या है...