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क्या एफडी की मैच्योरिटी पूरी होने के बाद भी मिलता रहता है ब्याज? जानें बैंकिंग नियम

Tue, 20 Oct 2026 06:14 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Interest After FD Maturity Date: जो लोग फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी में निवेश करते हैं, उनके मन में यह बड़ा सवाल अक्सर रहता है कि मैच्योरिटी पूरी होने के बाद यदि पैसे को बैंक में ही छोड़ दिया जाए, तो उस पर कितना ब्याज मिलता है। आइए इस लेख में बहुत ही आसान भाषा में विस्तार से समझते हैं।
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लिफ्ट में फंसने पर क्या करें? - फोटो : AI
Fixed Deposit Maturity Rules India: भारत में सुरक्षित निवेश और बेहतर रिटर्न के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट को हमेशा से सबसे लोकप्रिय माध्यम माना जाता रहा है। एक निश्चित समयावधि के लिए जब हम बैंक में पैसा जमा करते हैं, तो उस पर तय दर से ब्याज मिलता है। लेकिन कई बार लोग अपनी एफडी की मैच्योरिटी तारीख भूल जाते हैं या समय पर पैसा निकालना या रिन्यू कराना भूल जाते हैं। 

ऐसे में अक्सर मन में सवाल उठता है कि मैच्योरिटी की समय-सीमा पूरी होने के बाद उस पैसे का क्या होता है और क्या बैंक उस पर आगे भी ब्याज देता रहता है। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार मैच्योरिटी के बाद एफडी के पैसे पर ब्याज मिलने की व्यवस्था एकदम अलग हो जाती है। आइए इसे बहुत आसान भाषा में समझते हैं।
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मैच्योरिटी के बाद पैसा न निकालने पर क्या होता है? - फोटो : AdobeStock
मैच्योरिटी के बाद पैसा न निकालने पर क्या होता है?
  • अगर एफडी पूरी होने के बाद भी आप बैंक से पैसे नहीं निकालते और न ही कोई निर्देश देते हैं, तो बैंक इस पैसे को 'ओवरड्यू डिपॉजिट' यानी समय निकला हुआ जमा मान लेता है।
  • बैंक इस पैसे को अपने आप आपके बचत खाते में भेजने के बजाय अपने पास सुरक्षित रखता है।
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आरबीआई के नए नियमों के अनुसार कितना मिलता है ब्याज? - फोटो : AdobeStock
आरबीआई के नए नियमों के अनुसार कितना मिलता है ब्याज?
  • मैच्योरिटी के बाद बिना दावे वाले एफडी के पैसे पर बचत खाते और पुरानी एफडी में से जो भी ब्याज दर कम होती है, वही बैंक द्वारा दी जाती है।
  • नियम की इस व्यवस्था के कारण कई बार जमाकर्ता को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

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बैंक का ऑटो-रिन्यूअल विकल्प क्या है? - फोटो : AdobeStock
बैंक का ऑटो-रिन्यूअल विकल्प क्या है?
  • आजकल ज्यादातर बैंक एफडी खोलते समय 'ऑटो-रिन्यूअल' की सुविधा देते हैं।
  • अगर आपने यह विकल्प चुना है, तो मैच्योरिटी के बाद आपका पैसा अपने आप उतनी ही अवधि के लिए नई एफडी के रूप में रिन्यू हो जाता है और उस समय चल रही नई ब्याज दर मिलने लगती है।
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नुकसान से बचने के लिए क्या करें जमाकर्ता? - फोटो : AdobeStock
नुकसान से बचने के लिए क्या करें जमाकर्ता?
  • एफडी का पूरा फायदा उठाने के लिए हमेशा मैच्योरिटी डेट का ध्यान रखें। 
  • अगर पैसे की तुरंत जरूरत न हो, तो उसे नई ब्याज दरों पर दोबारा फिक्स करा दें या ऑटो-रिन्यूअल विकल्प चुनें।
  • समय पर सही फैसला लेने से आपका मेहनत का पैसा बिना किसी नुकसान के बढ़ता रहता है।
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