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करेंट और तत्काल टिकट में क्या अंतर है? जानें क्यों ज्यादातर लोगों को होती है कंफ्यूजन

Mon, 14 Sep 2026 06:36 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Does Current and Tatkal ticket are Same: अक्सर लोगों के मन में ये सवाल होता है कि करेंट और तत्काल टिकट में क्या अंतर होता है? बहुत से लोग तो इन दोनों टिकटों को एक ही समझते हैं। इसलिए आइए इस लेख में ये जानते हैं कि इन दोनों टिकटों में क्या अंतर होता है।
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करेंट टिकट और तत्काल टिकट में अंतर - फोटो : AI
Difference Between Current And Tatkal Ticket: भारतीय रेलवे से यात्रा करते समय अक्सर लोगों को 'करेंट टिकट' और 'तत्काल टिकट' के बीच काफी कन्फ्यूजन रहता है। कई यात्री इन दोनों को एक ही समझ बैठते हैं, जबकि इनके बुकिंग के नियम, समय और किराए में बड़ा अंतर होता है। 

जहां तत्काल टिकट अचानक यात्रा की योजना बनने पर एक दिन पहले बुक किया जाता है, वहीं करेंट टिकट ट्रेन छूटने से कुछ घंटे पहले खाली सीटों के लिए जारी होता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि ट्रेन का करेंट और तत्काल टिकट एक-दूसरे से किस तरह अलग हैं।
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पहले तत्काल टिकट के बारे में जानें - फोटो : Adobe Stock
पहले तत्काल टिकट के बारे में जानें
  • तत्काल टिकट यात्रा की तारीख से ठीक एक दिन पहले बुक किया जाता है। एसी क्लास के लिए बुकिंग सुबह 10 बजे और स्लीपर क्लास के लिए सुबह 11 बजे बुकिंग विंडो खुलता है।
  • इसमें सीटें बहुत सीमित होती हैं और किराया भी अधिक होता है, फिर भी ज्यादातर ट्रेनों में कुछ ही मिनटों में टिकट जल्दी बिक जाती है।
  • अगर आप अचानक यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो तत्काल आपके लिए सबसे पहला विकल्प होता है।
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Indian Railways - फोटो : Adobe Stock
अब करेंट टिकट के बारे में समझें
  • करेंट बुकिंग की सुविधा ट्रेन का पहला रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद शुरू होती है।
  • आमतौर पर ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले जब चार्ट तैयार होता है और उसमें सीटें खाली रह जाती हैं, तो रेलवे उन्हें 'करेंट बुकिंग' के तहत बेचता है।
  • आप इस टिकट को ट्रेन के रवाना होने से 30 मिनट पहले तक काउंटर या एप से ले सकते हैं।

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दोनों के किराए में होता है बड़ा अंतर - फोटो : Adobe Stock
दोनों के किराए में होता है बड़ा अंतर
  • किराए के मामले में करेंट टिकट काफी सस्ता पड़ता है।
  • तत्काल टिकट पर रेलवे अलग से तत्काल शुल्क वसूलता है, जिससे इसका किराया सामान्य से अधिक होता है।
  • इसके विपरीत करेंट टिकट का किराया सामान्य टिकट के बराबर ही होता है और कई बार खाली सीटें भरने के लिए रेलवे इस पर 10 से 20 फीसदी तक की छूट भी दे देता है।
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कन्फ्यूजन दूर करें और सही टिकट चुनें - फोटो : Adobe Stock
क्यों होती है करंट और तत्काल टिकट में कंफ्यूजन?
  • संक्षेप में कहें तो तत्काल टिकट ट्रेन छूटने से 24 घंटे पहले प्रीमियम किराए पर बुक होता है, जबकि करेंट टिकट ट्रेन छूटने से महज 4 घंटे पहले खाली बची सीटों के लिए सामान्य किराए पर मिलता है।
  • अगर आपको तत्काल में कन्फर्म सीट न मिले, तो निराश होने के बजाय चार्ट बनने के बाद करेंट बुकिंग जरूर चेक कर सकते हैं, कई बार करंट टिकट की सीटें खाली ही चली जाती हैं।
  • करंट और तत्काल दोनों शब्दों का शाब्दिक अर्थ काफी मिलता-जुलता है, और इन दोनों ही टिकट विकल्पों का इस्तेमाल आखिरी वक्त पर यात्रा की योजना बनाने के लिए किया जाता है। इसलिए लोगों को इनमें कंफ्यूजन होता है।
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